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ईंधन की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष का हमला, सरकार पर जनता से वसूली का आरोप

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेताओं ने बढ़ती ईंधन कीमतों, तेल संकट और महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया है।
 
ईंधन की बढ़ती कीमतों पर विपक्ष का हमला, सरकार पर जनता से वसूली का आरोप

नई दिल्ली, 15 मई (आईएएनएस)। पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष ने केंद्र सरकार पर हमला तेज कर दिया है। कांग्रेस और एनसीपी (शरद पवार गुट) के नेताओं ने बढ़ती ईंधन कीमतों, तेल संकट और महंगाई को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि चुनाव खत्म होते ही सरकार ने आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ा दिया है।

एनसीपी (एसपी) नेता रोहित पवार ने कहा कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी के दामों में बढ़ोतरी से लोगों में डर और गुस्से का माहौल है। लोगों में गुस्सा इसलिए है क्योंकि जब मनमोहन सिंह की सरकार थी, तब कच्चे तेल की कीमत 110 डॉलर थी और तब भी मनमोहन सिंह की सरकार में पेट्रोल-डीजल 60 रुपए में मिलते थे, लेकिन भाजपा की सरकार आने के बाद कच्चे तेल की कीमत में भारी गिरावट आई। इसके बावजूद तेल के दाम कम करने की जगह कीमत बढ़ा दी गई।

उन्होंने कहा कि जब कच्चे तेल के दाम कम थे, तब आपने हमसे अधिक पैसे लिए थे और अब अगर तेल महंगा हो रहा है तो तेल के दाम बढ़ाने की जरूरत क्या है? लोगों को डर है कि तेल मिलेगा भी या नहीं। सड़कों पर ट्रक खड़े हो गए हैं क्योंकि तेल नहीं मिल रहा है। केंद्र सरकार को बताना चाहिए कि कितने दिन का स्टॉक है।

उन्होंने कहा कि ईरान के साथ हमारे संबंध जैसे होने चाहिए थे, वैसे नहीं हैं। यही वजह है कि स्टॉक का स्तर कम हो गया है। इसका भुगतान अब आम लोगों को करना पड़ रहा है। सरकार के पास कोई प्लानिंग नहीं है।

कांग्रेस नेता टीएस सिंह देव ने कहा कि प्रधानमंत्री और देश के मंत्री अभी भी लोगों को गुमराह कर रहे हैं और कांग्रेस पर अफवाह उड़ाने का आरोप लगा रहे हैं। कई जगहों पर पेट्रोल मिल ही नहीं रहा है। जनता को गुमराह नहीं करना चाहिए। हम सभी जानते हैं कि कच्चा तेल आयात करने में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन लोगों को गुमराह नहीं करना चाहिए। उनका कहना है कि तेल के दाम और भी बढ़ सकते हैं, लेकिन लोगों को गुमराह करने की जगह भरोसे में लेना चाहिए।

कांग्रेस नेता भाई जगताप ने कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री ने ईंधन बचत की अपील की थी, तभी मैंने कहा था कि आने वाले दिनों में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने वाले हैं। पांच राज्यों में चुनाव के वक्त उन्हें यह सब याद नहीं आया और अब उन्हें यह सब याद आ रहा है। आने वाले दिनों में ये लोग तेल के दाम और बढ़ाएंगे। देश की जनता को लूटने का काम इन्होंने अभी तक किया है और आने वाले दिनों में भी यही करने वाले हैं। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से अन्य सामानों के दाम भी बढ़ते हैं। इन्होंने सिर्फ जनता से वसूली की है।

कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने कहा कि इससे न सिर्फ एक राज्य पर फर्क पड़ेगा, बल्कि पूरे देश पर इसका असर देखने को मिलेगा। केंद्र सरकार लोगों से वसूली कर रही है। चुनाव खत्म होते ही उन्होंने तेल के दाम बढ़ा दिए हैं। इससे आम लोगों को परेशानी होगी। वह लोगों को घर से काम करने की सलाह दे रहे हैं, लेकिन इसका असली समाधान क्या है? जब विवाद शुरू हुआ, तभी कांग्रेस ने सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश की थी, लेकिन इन्होंने ध्यान नहीं दिया और कहा कि सब ठीक है।

उत्तराखंड के पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि सरकार की नीतियों के कारण महंगाई बढ़ रही है। अब और भी महंगाई बढ़ने वाली है। आम लोग कैसे आजीविका चला रहे हैं, काम-धंधा बंद हो रहे हैं, बेरोजगारी बढ़ रही थी। आम लोगों की कमर झुक गई थी, अब टूट जाएगी। सरकार को चाहिए था कि आम लोगों को इससे पड़ने वाले असर से दूर रखना चाहिए था। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा पर इसका असर पड़ने वाला है। कुछ ही दिन में इसका असर दिखने लगेगा। उत्तराखंड में बड़ी संख्या में लोग छोटे-छोटे काम करके अपना जीवन यापन करते हैं, लेकिन उनके काम-धंधे बंद हो रहे हैं।

उन्होंने कहा कि काफिले में गाड़ियों की संख्या घटाने के नाम पर ड्रामा किया जा रहा है। मंत्री स्कूटी से निकलते हैं, उनके पीछे तीन गाड़ियां चलती हैं। ये कैसी ऊर्जा बचत है? ये प्रधानमंत्री की अपील का मजाक है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम