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आईआईटीः छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए टीचर्स ने सीखे नए मॉडल

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस) आईआईटी मद्रास देश का पहला ऐसा केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थान बन गया है, जिसके वेलनेस सेंटर को आईएसओ 45001:2018 का अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट मिला है। यह उपलब्धि छात्रों मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए हासिल हुई है। टीयूवी नॉर्ड समूह द्वारा प्रदान किया गया आईएसओ 45001:2018 प्रमाणन व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन के लिए दिया जाता है। यह प्रमाणन दर्शाता है कि आईआईटी मद्रास ने छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सहयोगी और स्वस्थ परिसर वातावरण विकसित करने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया है।
 

नई दिल्ली, 13 जुलाई (आईएएनएस) आईआईटी मद्रास देश का पहला ऐसा केंद्रीय वित्तपोषित तकनीकी संस्थान बन गया है, जिसके वेलनेस सेंटर को आईएसओ 45001:2018 का अंतरराष्ट्रीय सर्टिफिकेट मिला है। यह उपलब्धि छात्रों मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कदम उठाने के लिए हासिल हुई है। टीयूवी नॉर्ड समूह द्वारा प्रदान किया गया आईएसओ 45001:2018 प्रमाणन व्यावसायिक स्वास्थ्य और सुरक्षा प्रबंधन के लिए दिया जाता है। यह प्रमाणन दर्शाता है कि आईआईटी मद्रास ने छात्रों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित, सहयोगी और स्वस्थ परिसर वातावरण विकसित करने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय मानकों को अपनाया है।

संस्थान का कहना है कि उन्होंने छात्र कल्याण को केवल परामर्श सेवाओं तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसके लिए एक समग्र तंत्र विकसित किया है। इसमें छात्र मार्गदर्शन, सहपाठी सहायता समूह, मानसिक स्वास्थ्य परामर्श, तनाव की शुरुआती पहचान और समय पर हस्तक्षेप जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की संयुक्त सचिव (उच्च शिक्षा) रीना सोनवाल कौली का कहना है कि जनवरी 2024 से मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत छात्र कल्याण पर विशेष प्रशिक्षण शुरू किया गया था।

अब तक इसमें 3,000 से अधिक शिक्षकों को इससे जोड़ा जा चुका है। उन्होंने बताया कि छात्रों के लिए शिक्षण संस्थान दूसरा घर होते हैं, इसलिए संस्थानों की जिम्मेदारी केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं रह सकती। छात्र कल्याण के लिए प्रत्येक संस्थान को अपनी परिस्थितियों के अनुसार अलग-अलग मॉडल विकसित करने होंगे। संस्थान ने इस उपलब्धि के बीच शिक्षा मंत्रालय के सहयोग से छात्र कल्याण पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित की है। इसमें दक्षिण भारत के विभिन्न विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों से आए 200 से अधिक शिक्षकों और विशेषज्ञों ने भाग लिया।

कार्यशाला का आयोजन 12 और 13 जुलाई को ‘सेलिब्रेटिंग माइंड्स : अकादमिक उत्कृष्टता से सतत कल्याण तक’ विषय पर किया गया। इसका उद्देश्य देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र मानसिक स्वास्थ्य और सहायता प्रणालियों को मजबूत बनाना था। आईआईटी मद्रास के निदेशक प्रोफेसर वी. कामकोटि ने कहा कि शैक्षणिक सफलता तभी सार्थक है जब छात्र भावनात्मक रूप से भी मजबूत हों।

उन्होंने बताया कि संस्थान ने छात्र कल्याण को रणनीतिक प्राथमिकता बनाते हुए ‘एसोसिएट डीन (वेलनेस)’ का विशेष पद भी बनाया है। कार्यशाला में शामिल प्रतिभागियों को आईआईटी मद्रास के छात्रावासों और भोजनालयों का दौरा कराया गया। उन्होंने छात्रावास प्रबंधकों, वार्डनों, छात्र मार्गदर्शकों और स्वयंसेवकों से बातचीत कर यह समझा कि संस्थान किस प्रकार छात्रों के लिए सहयोगी और सुरक्षित वातावरण तैयार करता है।

दो दिनों तक चले कार्यक्रम में तनावमुक्त शिक्षा, मानसिक स्वास्थ्य, जीवन कौशल, नशा रोकथाम, सीखने में आने वाली कठिनाइयों की पहचान, संस्थागत सहायता तंत्र, परामर्श सेवाओं और छात्र कल्याण से जुड़ी नीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यशाला के अंत में विभिन्न संस्थानों ने छात्र मार्गदर्शन, परामर्श सेवाओं, छात्रावास सहायता व्यवस्था और सहपाठी सहयोग तंत्र को मजबूत बनाने के लिए सिफारिशें तैयार कीं। इन सुझावों का उपयोग शिक्षा मंत्रालय देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में छात्र कल्याण की बेहतर व्यवस्था विकसित करने के लिए करेगा।

--आईएएनएस

जीसीबी/पीएम