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हम वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को और अधिक सुगम बनाने के लिए कृतसंकल्प हैं: पीएम मोदी

नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए वरुणा नदी के किनारे एनएच-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किमी के लिंक/कनेक्टर कॉरिडोर बनाने की मंजूरी दे दी है।
 

नई दिल्ली, 15 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट कमेटी ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के वाराणसी शहर में भीड़भाड़ कम करने के लिए वरुणा नदी के किनारे एनएच-31 और वाराणसी रिंग रोड को जोड़ने वाले 43.218 किमी के लिंक/कनेक्टर कॉरिडोर बनाने की मंजूरी दे दी है।

इस परियोजना में 6/4-लेन का अधिकतर एलिवेटेड कॉरिडोर है, जिसमें मेन कैरिजवे, फ्लाईओवर, लूप, रैंप और सर्विस रोड शामिल हैं। इसे भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) हाइब्रिड एन्युइटी मॉडल (एचएएम) के तहत 10,998.32 करोड़ रुपए की कुल पूंजीगत लागत पर कार्यान्वित करेगा। इसमें 4,565.33 करोड़ रुपए की सिविल कंस्ट्रक्शन लागत और 934.91 करोड़ रुपए की जमीन अधिग्रहण लागत शामिल है।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी के विस्तार के साथ वाराणसी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन को और अधिक सुगम एवं सुविधाजनक बनाने के लिए हम कृतसंकल्प हैं। इसी दिशा में आज हमारी सरकार ने वरुणा नदी के किनारे 6/4-लेन के एलिवेटेड कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दी है। यह प्रोजेक्ट न सिर्फ हमारे सांस्कृतिक महत्त्व के शहरों के लिए एक मॉडल बनेगा, बल्कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से यहां के लोगों का जीवन भी और आसान होगा।

यह कॉरिडोर वाराणसी डीकंजेशन प्लान का एक बड़ा हिस्सा है और एनएच-31 एवं काशी रेलवे स्टेशन के बीच सुगम कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। साथ ही, वाराणसी रिंग रोड, वाराणसी हवाई अड्डा, काशी रेलवे स्टेशन, वाराणसी सिटी रेलवे स्टेशन, वाराणसी जंक्शन, दीन दयाल उपाध्याय जंक्शन, रामनगर पोर्ट, संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी के घाटों और आस-पास के चंदौली क्षेत्र तक पहुंच में उल्लेखनीय सुधार करेगा।

80–100 किमी/घंटे की प्रचालन गति के लिए डिजाइन किया गया यह प्रोजेक्ट एनएच-31 और काशी रेलवे स्टेशन के बीच यात्रा का समय लगभग 40 मिनट से घटाकर 20 मिनट कर देगा, जो लगभग 50 प्रतिशत की कमी है। इससे शहर के रोड नेटवर्क पर भीड़ में अत्यधिक कमी होगी, सड़क सुरक्षा बेहतर होगी, गाड़ी चलाने का व्यय कम होगा और पैसेंजर एवं मालगाड़ी का ट्रैफिक तेजी से और बिना रुकावट के चल पाएगा।

यह परियोजना एक इकोनॉमिक नोड (चंदौली सोशल इकोनॉमिक जोन), एक सोशल नोड (चंदौली) और छह बड़े लॉजिस्टिक्स नोड तक पहुंच को बेहतर बनाकर क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को भी सुदृढ़ करेगी, जिससे पीएम गति शक्ति नेशनल मास्टर प्लान के हिसाब से मल्टीमॉडल इंटीग्रेशन बढ़ेगा। इससे कृषि से संबंधित उत्पादों, औद्योगिक वस्तुओं, निर्माण सामग्रियों और खनिज अवयवों की आवाजाही सुगम होगी, लॉजिस्टिक्स दक्षता में सुधार होगा और पूर्वी उत्तर प्रदेश में सतत आर्थिक विकास को सहायता प्राप्त होगी।

कुल मिलाकर, यह परियोजना एक आधुनिक, एक्सेस-कंट्रोल्ड शहरी परिवहन कॉरिडोर का निर्माण करेगी जो कनेक्टिविटी बढ़ाएगी, मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्ट इंटीग्रेशन सुदृढ़ करेगी, पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा देगी, और वाराणसी के निवासियों एवं आगंतुकों के जीवन स्तर में सुधार लाएगी।

--आईएएनएस

एमएस/