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हम पश्चिम एशिया में हो रहे डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं : भारतीय विदेश मंत्रालय

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते में बांग्लादेश के शामिल होने की इच्छा जताने पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है।
 

नई दिल्ली, 21 अगस्त (आईएएनएस)। सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच हुए त्रिपक्षीय रक्षा समझौते में बांग्लादेश के शामिल होने की इच्छा जताने पर भारत ने प्रतिक्रिया दी है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में हो रहे घटनाक्रम पर करीब से नजर रख रहा है।

हाल में सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किए के बीच एक त्रिपक्षीय रक्षा समझौता हुआ है। अब बांग्लादेश ने भी इस पैक्ट में शामिल होने की इच्छा जाहिर की है। इसे लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, "हम पश्चिम एशिया में हो रहे डेवलपमेंट पर करीब से नजर रख रहे हैं।"

भारत में पाकिस्तान के उच्चायोग के बाहर से 20 अगस्त को अनधिकृत ढांचे, ट्रैफिक बोलार्ड और सुरक्षा बैरिकेड्स हटा दिए गए। इसे लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "पाकिस्तान में जो भारतीय उच्चायोग है, उसके सामने से कुछ स्ट्रक्चर पार्किंग की सहूलियत के लिए हटाया गया। हालांकि, हमने अनुरोध किया था कि इसे न किया जाए। लेकिन, वो जब हो गया, तो हमने इसकी प्रतिक्रिया में भारत में पाकिस्तानी उच्चायोग की लेन में कुछ अस्थायी ढांचा था, जिसे वहां से हटाया।"

रणधीर जायसवाल ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा, "हमारे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ नेपाल गए थे। यह बहुत अच्छा दौरा था। जैसा कि मैंने आपको बताया, उन्हें वहां मानद जनरल का रैंक दिया गया। यह दोनों देशों और दोनों सेनाओं के बीच दोस्ती को दिखाता है, जो बहुत लंबे समय से है।"

उन्होंने कहा कि जहां तक अग्निपथ स्कीम की बात है, रक्षा मंत्रालय आपको बेहतर बता सकता है। लेकिन मैं यह कह सकता हूं कि हमारे चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के नेपाल दौरे से दोनों देशों के बीच रिश्ते मजबूत हुए हैं, खासकर डिफेंस के फील्ड में।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, "जैसा कि हमने बार-बार कहा है, हमारे नाविक समुदाय की भलाई और सुरक्षा एक ऐसा मामला है, जिसे हम बहुत गंभीरता से लेते हैं और हम इस विषय को बहुत ज्यादा प्राथमिकता देते हैं। इसके बावजूद, जब भी हमारे नाविक समुदाय या हमारे नाविकों से जुड़ा कोई मुद्दा होता है, तो हम उसे संबंधित अधिकारियों के सामने उठाते हैं।"

--आईएएनएस

केके/एबीएम