होर्मुज स्ट्रेट में स्थिरता के लिए अमेरिका-इजरायल की तनाव पैदा करने वाली गतिविधियों को रोकना जरूरी : ईरान
नई दिल्ली, 23 मार्च (आईएएनएस)। होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री सुरक्षा के संबंध में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के सैद्धांतिक रुख पर विदेश मंत्रालय के बयान को भारत में ईरान के दूतावास ने साझा किया है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर होर्मुज स्ट्रेट में शांति और स्थिरता चाहिए तो अमेरिका और इजरायल की गतिविधियों को रोकना होगा।
भारत में ईरानी दूतावास ने विदेश मंत्रालय के बयान को साझा करते हुए कहा, "ईरान एक जिम्मेदार देश के तौर पर जो संयुक्त राष्ट्र के चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों को मानता है। कई सालों से इसने फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान सागर सहित पूरे इलाके के समुद्री क्षेत्रों में इन सिद्धांतों को सुरक्षित रखने की कोशिश की है। यह साफ है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने सहित इन सिद्धांतों का असल में सम्मान, तटीय देश की संप्रभुता और संप्रभुत्व के अधिकारों के सम्मान के बिना नहीं किया जा सकता।"
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि फारस की खाड़ी, होर्मुज स्ट्रेट और ओमान सागर में नेविगेशन सुरक्षा से जुड़े किसी भी कदम, पहल या व्यवस्था को इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के अधिकारों और हितों का पूरा सम्मान करते हुए लागू किया जाना चाहिए। साथ ही, इन्हें उसकी संबंधित प्राधिकरणों के साथ समन्वय में और मौजूदा हमलों व संघर्ष से उत्पन्न हालात को ध्यान में रखकर आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
ईरानी विदेश मंत्रालय ने होर्मुज में स्थिरता लाने के लिए अमेरिका और इजरायल को रोकने की बात कही। भारतीय दूतावास ने ईरानी विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा, "यह स्पष्ट है कि इस स्ट्रेट में सुरक्षा और स्थायी स्थिरता बहाल करने के लिए सैन्य हमलों और धमकियों का अंत होना आवश्यक है। साथ ही, अमेरिका और यहूदी शासन की अस्थिरता पैदा करने वाली गतिविधियों को रोकना और ईरान के वैध हितों का पूरा सम्मान करना भी जरूरी है।"
उन्होंने कहा कि 28 फरवरी 2026 को ईरान के खिलाफ अमेरिका और यहूदी शासन के सैन्य हमले के बाद, जो संयुक्त राष्ट्र के चार्टर के आर्टिकल 2(4) और ताकत के इस्तेमाल पर रोक लगाने वाले जरूरी नियम का साफ उल्लंघन है, फारस की खाड़ी इलाके और होर्मुज स्ट्रेट पर एक खतरनाक स्थिति पैदा हो गई है। इस स्थिति के नतीजों ने सीधे समुद्री नेविगेशन और शिपिंग की सुरक्षा पर असर डाला है।
ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, "हमलावर पार्टियों के खिलाफ खुद की सुरक्षा के अपने अधिकार का इस्तेमाल करते हुए, ईरान ने इलाके में अमेरिकी सैन्य बेस और जगहों को टारगेट करने के अलावा, यह सुनिश्चित करने के लिए कुछ तरीके अपनाए हैं कि हमलावर और उनके समर्थक ईरान के खिलाफ अपने दुश्मनी भरे मकसद को पूरा करने के लिए होर्मुज स्ट्रेट का फायदा न उठा सकें। होर्मुज स्ट्रेट के तटीय देश के तौर पर और अंतरराष्ट्रीय कानून के तय सिद्धांतों और नियमों के मुताबिक, ईरान ने हमलावर पार्टियों के या उनसे जुड़े जहाजों और उनके हमले में शामिल जहाजों को आने-जाने से रोक दिया है।"
--आईएएनएस
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