होर्मुज संकट ने बढ़ाया न्यूजीलैंड का तनाव, पीएम लक्सन बोले- ईरान ने स्ट्रेट को पूरी तरह बंद होने पर मजबूर किया
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है, जिसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। होर्मुज में ताजा हालात की वजह से तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल रहा है। गल्फ क्षेत्र में ईरान की कार्रवाई को लेकर सभी देशों में नाराजगी है। दुनिया के तमाम देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान के खिलाफ नाराजगी जताई, जिसमें न्यूजीलैंड भी शामिल है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने मिडिल ईस्ट में जारी हमलों की वजह से तेल की बढ़ती कीमतों पर भारी चिंता जताई।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पीएम क्रिस्टोफर लक्सन ने लिखा, "मध्य पूर्व में फ्यूल टैंकरों और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों की वजह से कीवी लोगों के लिए फ्यूल की कीमतें सीधे तौर पर बढ़ रही हैं। इसीलिए हम यूनाइटेड किंगडम और दूसरे देशों के साथ मिलकर खाड़ी में ईरान के हमलों की निंदा कर रहे हैं। ईरान ने न्यूजीलैंड जैसी जगहों पर फ्यूल और दूसरा जरूरी सामान ले जाने वाले जहाजों के लिए होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह से बंद करने पर मजबूर कर दिया है।"
उन्होंने कहा, "न्यूजीलैंड का ग्लोबल ट्रेड के लिए खुली सप्लाई लाइनें सुनिश्चित करने के लिए एक जैसी सोच वाले साझोदारों के साथ काम करने का पुराना रिकॉर्ड रहा है। जाहिर है, होर्मुज स्ट्रेट से सुरक्षित रास्ता सुनिश्चित करने के लिए बहुपक्षीय कोशिशों का समर्थन करने के न्यूजीलैंड के भविष्य के किसी भी फैसले पर सोचना होगा।"
बता दें कुल 20 देशों ने ईरान के खिलाफ संयुक्त बयान जारी किया है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, जापान, कनाडा, दक्षिण कोरिया, न्यूजीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन और लिथुआनिया के नेताओं ने होर्मुज स्ट्रेट में हालात को लेकर संयुक्त बयान जारी किया।
संयुक्त बयान में कहा गया, "हम खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों; तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। हम बढ़ते संघर्ष पर अपनी गहरी चिंता जताते हैं। हम ईरान से अपील करते हैं कि वह कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट को रोकने की अपनी धमकियों, माइन बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों व दूसरी कोशिशों को तुरंत बंद करे और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का पालन करे।"
--आईएएनएस
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