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हूल दिवस: अमित शाह, ओम बिरला समेत कई नेताओं ने संथाल क्रांति के वीरों को दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। 'हूल दिवस' के अवसर पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने संथाल हूल (संथाल विद्रोह) के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, त्याग और देशभक्ति को नमन किया। नेताओं ने इस ऐतिहासिक जनआंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
 

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। 'हूल दिवस' के अवसर पर देश के कई प्रमुख नेताओं ने संथाल हूल (संथाल विद्रोह) के अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके साहस, त्याग और देशभक्ति को नमन किया। नेताओं ने इस ऐतिहासिक जनआंदोलन को भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "जनजातीय अस्मिता और मातृभूमि के लिए संथाल क्रांति में अपना सर्वस्व अर्पण करने वाले सभी बलिदानियों को 'हूल दिवस' के अवसर पर स्मरण कर नमन करता हूँ। जनजातीय स्वाभिमान और स्वतंत्रता संग्राम के महानायक सिदो-कान्हू मुर्मु, चांद-भैरव तथा वीरांगनाओं फूलो-झानो ने अंग्रेजी हुकूमत के विरुद्ध संघर्ष का ऐसा शंखनाद किया, जिसने पराधीनता के विरुद्ध जन-जन में प्रतिरोध की चेतना का संचार किया।"

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी हूल दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए एक्स पर पोस्ट किया और लिखा, "भारत की स्वतंत्रता, आदिवासी अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर वीरों को हूल दिवस पर विनम्र श्रद्धांजलि। आज के दिन महान क्रांतिकारी सिदो और कान्हू के नेतृत्व में ऐतिहासिक संथाल हूल के उन हजारों वीर आदिवासी स्त्री-पुरुषों को नमन, जिन्होंने औपनिवेशिक शासन, शोषण और अन्याय के विरुद्ध अदम्य साहस के साथ संघर्ष का बिगुल फूंका। जल, जंगल, जमीन, स्वाभिमान और अपने अस्तित्व की रक्षा के लिए लड़ा गया यह एक महान जनआंदोलन था। इस जनक्रांति ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को नई ऊर्जा प्रदान की और कागे चलकर अनेक आंदोलनों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी। उन अमर हुतात्माओं का शौर्य, त्याग और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।"

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने संथाल विद्रोह के सभी अमर बलिदानियों को नमन करते हुए एक्स पर लिखा, "'हूल दिवस' पर संथाल विद्रोह के अमर बलिदानियों सिदो-कान्हू, चांद-भैरव और फूलो-झानो सहित सभी वीर-वीरांगनाओं के चरणों में कोटि-कोटि नमन करता हूँ! 'अंग्रेजों हमारी माटी छोड़ो' का नारा बुलंद कर विद्रोह का बिगुल फूंक देने वाले सभी जनजातीय भाई-बहनों की गौरव गाथा सदैव भावी पीढ़ियों को अन्याय के विरुद्ध आवाज बुलंद करने तथा मातृभूमि के लिए मर-मिटने की प्रेरणा देती रहेगी।"

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा, "जनजातीय वीरता, स्वाभिमान और स्वतंत्रता के प्रतीक 'हूल दिवस' पर अमर शहीदों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। दमनकारी शासन के विरुद्ध इस संघर्ष ने संपूर्ण राष्ट्र को स्वतंत्रता के लिए अद्भुत जागृति दी। मां भारती के अमर सपूतों के बलिदान से देश कभी उऋण न हो सकेगा।"

वहीं, असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी सिदो-कान्हू और संथाल हूल के सभी वीर सेनानियों को नमन करते हुए कहा, "जल, जंगल और जमीन की रक्षा तथा अन्याय के विरुद्ध उनके साहसिक संघर्ष ने स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा दी। उनका त्याग और बलिदान सदैव प्रेरणास्रोत रहेगा।"

--आईएएनएस

पीआईएम/एएस