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असम : सीएम सरमा ने जुबीन गर्ग के मौत मामले पर लुरिनज्योति गोगोई को घेरा, राजनीतिकरण का लगाया आरोप

गुवाहाटी, 25 मार्च (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को विपक्षी नेता लुरिनज्योति गोगोई पर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय दिलाने को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए कहा कि गोगोई 'कोई जज नहीं, बल्कि चुनावों में सिर्फ एक उम्मीदवार हैं।'
 
असम : सीएम सरमा ने जुबीन गर्ग के मौत मामले पर लुरिनज्योति गोगोई को घेरा, राजनीतिकरण का लगाया आरोप

गुवाहाटी, 25 मार्च (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को विपक्षी नेता लुरिनज्योति गोगोई पर गायक जुबीन गर्ग की मौत के मामले में न्याय दिलाने को लेकर की गई उनकी टिप्पणियों पर निशाना साधते हुए कहा कि गोगोई 'कोई जज नहीं, बल्कि चुनावों में सिर्फ एक उम्मीदवार हैं।'

लुमडिंग में चुनाव प्रचार के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए, मुख्यमंत्री ने गोगोई के उस बयान की आलोचना की जिसमें उन्होंने कहा था कि अगर विपक्ष सत्ता में आता है, तो 100 दिनों के भीतर न्याय दिलाया जाएगा; मुख्यमंत्री ने इस बयान को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "लुरिनज्योति गोगोई कोई जज नहीं हैं; वह चुनाव लड़ रहे एक उम्मीदवार हैं। न्याय दिलाना राजनीतिक नेताओं के हाथ में नहीं, बल्कि न्यायपालिका के हाथ में होता है।"

उन्होंने आगे आरोप लगाया कि विपक्ष चुनावी फायदे के लिए एक संवेदनशील मुद्दे का राजनीतिकरण करने की कोशिश कर रहा है।

शर्मा ने कहा, "किसी भी मामले में न्याय सुनिश्चित करना एक कानूनी प्रक्रिया है। इसका वादा किसी समय-सीमा वाले राजनीतिक बयान में नहीं किया जा सकता। ऐसे बयान भ्रामक होते हैं और इनका मकसद मतदाताओं को प्रभावित करना होता है।"

मुख्यमंत्री ने गोगोई की टिप्पणियों के पीछे की मंशा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्ष को असल में न्याय की कोई परवाह नहीं है।

उन्होंने कहा, "विपक्ष ज़ुबीन गर्ग के लिए न्याय के बारे में नहीं सोच रहा है। वे सिर्फ राजनीतिक फायदा उठाने के लिए उनके नाम का इस्तेमाल कर रहे हैं।"

गोगोई ने पहले कहा था कि अगर असम में विपक्ष की सरकार बनती है, तो ज़ुबीन गर्ग की मौत के मामले में 100 दिनों के अंदर न्याय सुनिश्चित किया जाएगा।

यह जुबानी जंग बुधवार को सिंगापुर की एक अदालत के फैसले के बाद शुरू हुई। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि गायक ज़ुबीन गर्ग की मौत पिछले साल सितंबर में लाज़रस द्वीप के पास समुद्र में डूबने से हुई थी, और असम के इस सांस्कृतिक प्रतीक की मौत में किसी भी तरह की साजिश या गड़बड़ी की आशंका को खारिज कर दिया।

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सिंगापुर पुलिस कोस्ट गार्ड की विस्तृत जांच के बाद, राज्य के कोरोनर (जांच अधिकारी) एडम नखोदा ने यह निष्कर्ष निकाला कि यह मौत 'डूबने की एक दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद घटना' थी।

जुबीन गर्ग 'नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल' में शामिल होने के लिए सिंगापुर गए थे और पिछले साल 19 सितंबर को, अपने तय कार्यक्रम से ठीक एक दिन पहले उनकी मौत हो गई थी।

सिंगापुर स्थित मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गर्ग एक यॉट (नाव) यात्रा पर गए थे और लाजरस द्वीप के पास समुद्र के पानी में उतर गए थे। गवाहों ने अदालत को बताया कि इस घटना से पहले उन्होंने शराब पी रखी थी और पहली बार जब वे तैरने उतरे थे, तो उन्होंने लाइफ जैकेट पहन रखी थी।

लेकिन बाद में उन्होंने लाइफ जैकेट उतार दी और जब वे दूसरी बार द्वीप की ओर तैरने के लिए पानी में उतरे, तो उन्होंने जैकेट पहनने से मना कर दिया।

दोस्तों के बार-बार यॉट पर वापस लौटने के आग्रह के बावजूद, गर्ग पानी में बेसुध हो गए। उन्हें वापस यॉट पर खींचकर लाया गया, जहां उन्हें होश में लाने की तमाम कोशिशें नाकाम रहीं। सुनवाई के दौरान पेश की गई एक टॉक्सिकोलॉजी रिपोर्ट से पता चला कि खून में अल्कोहल की मात्रा 333 एमजी प्रति 100 एमएल थी, जिससे यह संकेत मिलता है कि पानी में उतरने से पहले काफी मात्रा में शराब का सेवन किया गया था।

सिंगापुर की अदालत के ये निष्कर्ष मोटे तौर पर सिंगापुर पुलिस बल की पिछली टिप्पणियों से मेल खाते हैं, जिसने किसी भी तरह की साजिश की आशंका को खारिज कर दिया था और मौत का कारण शराब के सेवन के बाद डूबना और लाइफ वेस्ट पहनने से इनकार करना बताया था।

--आईएएनएस

एससीएच