आईएईए की मध्यस्थता से स्थानीय युद्धविराम, जापोरिज्झिया परमाणु संयंत्र की बिजली लाइन की मरम्मत शुरू
मॉस्को, 5 जून (आईएएनएस)। रूस के नियंत्रण वाले जापोरिज्झिया परमाणु ऊर्जा संयंत्र को बिजली आपूर्ति करने वाली एक महत्वपूर्ण बाहरी बिजली लाइन की मरम्मत का काम शुक्रवार से शुरू हो गया। संयंत्र संचालक के अनुसार, यह कार्य अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) की मध्यस्थता से हुए स्थानीय युद्धविराम के कारण संभव हो सका है।
मरम्मत का काम 750 किलोवोल्ट क्षमता वाली 'डनिप्रोव्स्का' ट्रांसमिशन लाइन पर किया जा रहा है, जो 24 मार्च से बंद पड़ी थी। यह लाइन संयंत्र की बाहरी बिजली आपूर्ति प्रणाली का अहम हिस्सा मानी जाती है।
अधिकारियों का कहना है कि लाइन की बहाली से बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ेगी और परमाणु तथा विकिरण सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।
इससे पहले 30 मई को एक यूक्रेनी ड्रोन ने जापोरिज्झिया परमाणु संयंत्र की यूनिट-6 के टर्बाइन हॉल को निशाना बनाया था। घटना के बाद अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के विशेषज्ञों ने प्रभावित स्थल का निरीक्षण किया।
आईएईए के महानिदेशक राफेल ग्रॉसी ने ड्रोन हमले पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा था कि परमाणु प्रतिष्ठानों पर हमला करना "आग से खेलने" जैसा है और इससे बड़े हादसे का खतरा पैदा हो सकता है।
आईएईए ने शुक्रवार को बताया कि जापोरिज्झिया परमाणु संयंत्र के आसपास अग्रिम मोर्चे पर एक सीमित क्षेत्रीय युद्धविराम लागू किया गया है, जिससे बिजली लाइन की आवश्यक मरम्मत का रास्ता साफ हुआ है और संभावित परमाणु दुर्घटना के खतरे को कम करने में मदद मिलेगी।
यह पिछले वर्ष के अंत से अब तक छठा अस्थायी युद्धविराम है, जिसकी मध्यस्थता राफेल ग्रोसी ने रूस और यूक्रेन के बीच कराई है। इन युद्धविरामों का उद्देश्य परमाणु संयंत्रों की सुरक्षित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना और परमाणु सुरक्षा बनाए रखना है।
आईएईए के अनुसार, मरम्मत कार्य की तैयारी चुनौतीपूर्ण रही क्योंकि बिजली लाइन को नुकसान नियंत्रण रेखा के पास डनिप्रो नदी के ऊपर स्थित ऊंचे बिजली टावरों पर हुआ था।
वहीं, रूस की सरकारी परमाणु ऊर्जा कंपनी रोसाटॉम के महानिदेशक एलेक्सी लिखाचेव ने बताया कि यह युद्धविराम 23 जून तक प्रभावी रहेगा।
लिखाचेव ने यह भी दावा किया कि हाल में हुए एक यूक्रेनी ड्रोन हमले में जापोरिज्झिया परमाणु संयंत्र में तीन लोग घायल हुए हैं।
गौरतलब है कि जापोरिज्झिया परमाणु संयंत्र यूरोप का सबसे बड़ा परमाणु ऊर्जा संयंत्र माना जाता है और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान इसकी सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार चिंता जताई जाती रही है।
--आईएएनएस
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