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आंध्र प्रदेश: वाईएसआरसीपी ने दलित कार्यकर्ता की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की

अमरावती, 18 जनवरी (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले में पार्टी कार्यकर्ता मंदा सलमान की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
 
आंध्र प्रदेश: वाईएसआरसीपी ने दलित कार्यकर्ता की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की

अमरावती, 18 जनवरी (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने आंध्र प्रदेश के पालनाडु जिले में पार्टी कार्यकर्ता मंदा सलमान की हत्या की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पार्टी सोमवार को पुलिस महानिदेशक हरीश गुप्ता को औपचारिक ज्ञापन सौंपेगी।

वाईएसआरसीपी नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल गुरजाला निर्वाचन क्षेत्र के पिन्नेल्ली गांव में पार्टी के दलित कार्यकर्ता की हत्या के संबंध में डीजीपी से मुलाकात करेगा।

पार्टी ने इस संबंध में तत्काल मुलाकात का समय मांगा है। रविवार को राज्य के डीजीपी को लिखे पत्र में, वाईएसआरसीपी के राज्य महासचिव और एमएलसी लेल्ला अप्पी रेड्डी ने कहा कि सलमान को लोहे की छड़ों से बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला गया, जो राज्य में कानून व्यवस्था के पूर्ण पतन को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि टीडीपी के नेतृत्व वाली गठबंधन सरकार के सत्ता में आने के बाद से दलितों को सुरक्षा नहीं मिली है, और विशेष रूप से वाईएसआरसीपी के दलित कार्यकर्ता लगातार खतरे में जी रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पार्टी डीजीपी से मामले की त्वरित और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने और दोषियों की पहचान करके उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का आग्रह करेगी।

शनिवार को वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं ने सलमान की क्रूर हत्या की निंदा करते हुए सभी जिला मुख्यालयों में डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमाओं के सामने राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया।

पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाईएस जगन मोहन रेड्डी के आह्वान पर पार्टी नेताओं और एससी सेल के प्रतिनिधियों ने श्रीकाकुलम, विजयनगरम, एलुरु, कृष्णा, एनटीआर, गुंटूर, पालनाडु (नरसाराओपेट), कुरनूल, तिरुपति (संयुक्त चित्तूर), वाईएसआर कडप्पा और अनंतपुर जिलों में धरना दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश में संवैधानिक शासन व्यवस्था ध्वस्त हो गई है और वाईएसआरसीपी कार्यकर्ताओं पर राजनीतिक हत्याएं और हमले आम बात हो गई हैं।

नेताओं ने कहा कि सलमान की हत्या मौजूदा रेड बुक शासन और पुलिस की मिलीभगत का सीधा परिणाम है। उन्होंने तत्काल गिरफ्तारी, जिम्मेदार अधिकारियों के निलंबन और एससी/एसटी अत्याचार अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की मांग की।

--आईएएनएस

एमएस/