अपहरण मामले में आंध्र प्रदेश की अदालत ने वाईएसआरसीपी नेता मुस्तफा को न्यायिक हिरासत में भेजा
अमरावती, 6 अगस्त (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले की एक अदालत ने कथित अपहरण मामले में वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता और पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
आंध्र प्रदेश के गुंटूर पूर्व से पूर्व विधायक और वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) के नेता शेख मोहम्मद मुस्तफा को कथित अपहरण मामले में अदालत ने 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
गुजरात से दो दिन पहले गिरफ्तार किए गए मुस्तफा को नुजविद पुलिस की एक टीम ने पकड़ा था। पुलिस ने उन्हें वडोदरा की एक अदालत में पेश कर ट्रांजिट वारंट हासिल किया और इसके बाद नुजविद लेकर आई। गुरुवार तड़के उन्हें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया।
मजिस्ट्रेट द्वारा न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के बाद मुस्तफा को नेल्लोर उप-जेल स्थानांतरित कर दिया गया। मुस्तफा के बेटे मुबाशिर उर्फ बशीर को मंगलवार को हैदराबाद हवाई अड्डे से गिरफ्तार किया गया था। उसे बुधवार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
दोनों पर तंबाकू खरीद-बिक्री के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के बाद एक तंबाकू व्यापारी के बेटे और दो अन्य लोगों के अपहरण का आरोप है।
पुलिस ने उनके खिलाफ फिरौती मांगने, अपहरण, आपराधिक धमकी और मारपीट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। शिकायतकर्ता अनुसूचित जाति (एससी) समुदाय से होने के कारण एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।
गुंटूर में तंबाकू का गोदाम संचालित करने वाले मुस्तफा विभिन्न व्यापारियों से तंबाकू खरीदते हैं। एलुरु जिले के व्यापारी के. सूर्यचंद्रम पहले उन्हें तंबाकू बेचते थे, लेकिन हाल ही में कीमतों में गिरावट के कारण उन्होंने तंबाकू की आपूर्ति बंद कर दी थी।
आरोप है कि 27 जुलाई को सूर्यचंद्रम का बेटा अभि, चालक बालाराजू और जी. दुर्गा राव तंबाकू बेचने के लिए गुंटूर में एक अन्य कंपनी के पास जा रहे थे। तभी नुजविद में मुस्तफा के बेटे बशीर और उसके सहयोगियों ने उन्हें रोक लिया। बकाया भुगतान की मांग करते हुए तीनों का कथित रूप से अपहरण कर लिया गया और तंबाकू से लदा वाहन भी कब्जे में ले लिया गया।
सूर्यचंद्रम का दावा है कि जब उनके बेटे ने उन्हें घटना की जानकारी दी तो उन्होंने फोन पर मुस्तफा से बात की। आरोप है कि पूर्व विधायक ने उन्हें धमकी दी कि यदि वे पैसे लेकर गुंटूर स्थित उनके गोदाम नहीं पहुंचे तो वे अपने बेटे को नहीं देख पाएंगे।
इसके बाद व्यापारी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। बाद में अपहृत युवक और दो अन्य लोगों को छोड़ दिया गया। घटना में शामिल मुस्तफा और उनका बेटा फरार थे, जबकि उनके कुछ सहयोगियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था।
वाईएसआर कांग्रेस पार्टी ने मुस्तफा और उनके बेटे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे टीडीपी नीत गठबंधन सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया है।
वाईएसआरसीपी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री वाई. एस. जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति को पुलिस को सौंपे जाने के बावजूद मुस्तफा और उनके बेटे को अपहरण के मामले में फंसाया गया है।
--आईएएनएस
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