आंध्र प्रदेश: वाईएसआरसीपी ने सोशल मीडिया एक्टिविस्ट के खिलाफ की गई कार्रवाई की निंदा की
अमरावती, 6 जुलाई (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (वाईएसआरसीपी) ने आंध्र प्रदेश में गठबंधन सरकार पर शासन में अपनी विफलताओं को उजागर करने वाले सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रतिशोधात्मक कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
पूर्व मंत्री अंबती रामबाबू ने गुंटूर में मीडिया से कहा कि केवीआर और रावण जैसे यूट्यूबर इन्फ्लुएंसर्स को परेशान करके गठबंधन सरकार अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार रही है और उनके खिलाफ तब तक मामले चला रही है जब तक उन्हें जेल नहीं हो जाती। वाईएसआरसीपी पीड़ितों के साथ खड़ी रहेगी क्योंकि सरकार का प्रतिशोधी रवैया अब सबके सामने आ गया है।
उन्होंने कहा कि प्रश्ना रावण उर्फ बाचलकुरा जोसेफ का मामला हद से ज्यादा बढ़ गया है। सरकार उसे परेशान कर रही है और कई जगहों पर मजिस्ट्रेट के सामने पेश कर रही है। जब उन्हें रिमांड नहीं मिली तो उन्होंने उसके खिलाफ लगाए गए मामलों की धाराएं बदल दीं और यह सुनिश्चित किया कि उसे नेल्लोर जेल में रिमांड पर रखा जाए।
वाईएसआरसीपी नेता ने कहा कि सत्ता में बैठे लोगों ने उन पर यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत मामला दर्ज किया है, जिसका इस्तेमाल आमतौर पर आतंकवादियों के खिलाफ किया जाता है, लेकिन उन्होंने इसे अपने मकसद के लिए इस्तेमाल किया है।
उन्होंने कहा कि न्याय व्यवस्था को बदनाम करते हुए जन सेना के कार्यकर्ताओं ने पुलिस पर दबाव बनाया कि आरोपी को उनके हवाले कर दिया जाए ताकि वे कानून अपने हाथ में ले सकें।
उनका इशारा जन सेना के कार्यकर्ताओं की ओर था, जिन्होंने रावण को रखे गए विभिन्न पुलिस थानों के सामने प्रदर्शन किया और पुलिस से यूट्यूबर को उनके हवाले करने की मांग की।
राम बाबू ने कहा कि गठबंधन सरकार की यह आदत बन गई है कि वह पीड़ितों को ही आरोपी बना देती है और यह लंबे समय से चल रहा है।
पूर्व मंत्री और एक अन्य सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर केवीआर को भी इसी तरह हैदराबाद से उठाया गया था।
उन्होंने कहा कि साई कृष्णा की हिरासत में मौत और क्रांति कुमार की आत्महत्या को दबाने के लिए सरकार ध्यान भटकाने की राजनीति का सहारा ले रही है और पत्रकारों और सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं को बेहद अलोकतांत्रिक और गैरकानूनी तरीके से परेशान कर रही है, साथ ही कई जगहों पर मामले दर्ज करा रही है।
रामबाबू ने कहा कि टीडीपी समर्थक सोशल मीडिया कार्यकर्ता वाईएसआरसीपी और उसके नेतृत्व के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट कर रहे हैं, लेकिन शिकायतों के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
उन्होंने घोषणा की कि वे अपनी शिकायत को आगे बढ़ाने के लिए डीजीपी कार्यालय तक पदयात्रा करेंगे।
--आईएएनएस
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