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वाईएसआर कांग्रेस संसद में पंचदर्ला माइनिंग का मुद्दा उठाएगी

अमरावती, 12 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने बुधवार को कहा कि अगर सरकार उस पवित्र पहाड़ी को 'नो-माइनिंग जोन' (खनन-मुक्त क्षेत्र) घोषित करने का स्थायी सरकारी आदेश जारी करने में नाकाम रहती है, तो पार्टी संसद में आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली ज़िले के पंचदारला में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाएगी।
 

अमरावती, 12 अगस्त (आईएएनएस)। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेताओं ने बुधवार को कहा कि अगर सरकार उस पवित्र पहाड़ी को 'नो-माइनिंग जोन' (खनन-मुक्त क्षेत्र) घोषित करने का स्थायी सरकारी आदेश जारी करने में नाकाम रहती है, तो पार्टी संसद में आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली ज़िले के पंचदारला में हो रहे अवैध खनन का मुद्दा उठाएगी।

राज्यसभा सांसद गोला बाबूराव, अराकू सांसद गुम्मा तनुजा रानी, ​​पूर्व मंत्री गुडीवाड़ा अमरनाथ, पूर्व विधायक करनम धर्मश्री और वाईएसआरसीपी अनाकापल्ली ज़िला अध्यक्ष बोड्डेटी प्रसाद ने यहां केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात की और माइनिंग (खनन) के मुद्दे पर शिकायतें सौंपीं।

बाद में मीडिया से बात करते हुए गोला बाबूराव ने कहा कि राज्य में गठबंधन सरकार के नेता प्राकृतिक संसाधनों का दोहन कर रहे हैं और पुराने विशाखापत्तनम ज़िले में पहाड़ियों और मंदिरों के आस-पास के इलाकों को बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वाईएसआरसीपी इस मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर ले जाएगी और संसद में अवैध खनन का मुद्दा उठाएगी, जब तक कि पंचदर्ला को स्थायी सुरक्षा नहीं मिल जाती।

तनुजा रानी ने कहा कि केंद्रीय खान मंत्री जी. किशन रेड्डी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत को स्थिति के बारे में जानकारी दी गई थी, और उन्होंने आश्वासन दिया था कि एक केंद्रीय टीम खनन गतिविधियों की जांच करेगी और उसकी रिपोर्ट के आधार पर 10 दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू की जाएगी।

उन्होंने कहा कि आधिकारिक जांच में पाया गया है कि खनन और ब्लास्टिंग से होने वाले कंपन का असर पवित्र जल धाराओं पर पड़ रहा है और मंजूर किए गए खनन प्लान से ज्यादा लगभग दो लाख टन बजरी निकाली गई है।

गुडीवाड़ा अमरनाथ ने अनाकापल्ली सांसद सी.एम. रमेश की भूमिका की सीबीआई जांच की मांग की और कहा कि ज़िम्मेदारी सिर्फ निचले स्तर के अधिकारियों को सस्पेंड करने से खत्म नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि नियमों के तहत अवैध खनन के लिए लगभग 250 करोड़ रुपए का जुर्माना बनता है और उन्होंने रमेश के इस्तीफे और व्यापक जांच की मांग की।

करनम धर्मश्री ने चेतावनी दी कि जब तक 'नो-माइनिंग जोन' (खनन-मुक्त क्षेत्र) का सरकारी आदेश जारी नहीं हो जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा, जबकि बोड्डेटी प्रसाद ने कहा कि पंचदर्ला से शुरू हुआ आंदोलन अब दिल्ली पहुँच गया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने तक और तेज होगा।

--आईएएनएस

एससीएच