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फोर्ट कोच्चि कैफे विवाद: यूट्यूबर अमृत सिंह पर कार्रवाई के बाद भाजपा का सीएम सतीशन पर उठाए सवाल

तिरुवनंतपुरम, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के एक फोर्ट कोच्चि कैफे विवाद में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमृत सिंह दरन पर कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव पर चुनिंदा बातें आपको भी अपने से पहले के अन्य सभी ढोंगी राजनेताओं बना देंगी।
 

तिरुवनंतपुरम, 25 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के एक फोर्ट कोच्चि कैफे विवाद में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर अमृत सिंह दरन पर कार्रवाई के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव पर चुनिंदा बातें आपको भी अपने से पहले के अन्य सभी ढोंगी राजनेताओं बना देंगी।

मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को जवाब देते हुए केरल भाजपा के अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने 'एक्स' पर लिखा, "केरल सभी मलयाली लोगों के लिए है। मलयाली ही केरल का वर्तमान और भविष्य तय करेंगे। हमारा भोजन, हमारी संस्कृति, हमारे उत्सव। केरलम भारत का हिस्सा है और प्रत्येक मलयाली भी भारतीय है।"

राजीव चंद्रशेखर ने लिखा, "मैं मुख्यमंत्री की पोस्ट में कही गई बात से सहमत हूं। हालांकि, केरल में बन रहे राजनीतिक कल्चर को लेकर जायज सवाल उठते हैं।"

उन्होंने पहला सवाल किया कि कुछ लोग जिन्ना का महिमामंडन क्यों करते हैं, जिसने धर्म के आधार पर भारत का बंटवारा किया? अपने दूसरे सवाल में चंद्रशेखर ने पूछा कि कुछ राजनेता हमास जैसे प्रतिबंधित आतंकी संगठनों और उनकी हिंसा को क्यों सही ठहराते हैं, उनका बचाव करते हैं और उन्हें बढ़ावा देते हैं? साथ ही, भाजपा नेता ने पूछा कि कांग्रेस और सीपीएम जैसी राजनीतिक पार्टियां जमात-ए-इस्लामी जैसे उन संगठनों के साथ राजनीतिक गठबंधन क्यों करती हैं, जो खुले तौर पर धर्मनिरपेक्षता और भारतीय संविधान के विरोधी हैं?

फोर्ट कोच्चि के कैफे 'काशी' का जिक्र करते हुए राजीव चंद्रशेखर ने कहा, "भले ही मुख्यमंत्री वीडी सतीसन इस विनाशकारी राजनीतिक संस्कृति को सही ठहराने के लिए जितनी भी राजनीतिक पैंतरेबाजी कर लें, लेकिन यह बात साफ है, कुछ लोग जो अपमानजनक और असंवेदनशील व्यवहार करके बच निकलने की सोचते हैं, वे ऐसा इसलिए कर पाते हैं क्योंकि उन्हें कांग्रेस और सीपीएम से इसके लिए खुली छूट मिलती है।"

उन्होंने कहा, "जरा सोचिए, अगर कोई किसी मुस्लिम पवित्र शहर के नाम पर रेस्तरां खोले और वहां 'पोर्क' (सूअर का मांस) परोसे, तो केरल के मुख्यमंत्री का ट्वीट और प्रतिक्रिया क्या होगी? ऐसी स्थिति में या तो वे पूर्व मुख्यमंत्री बन जाएंगे, या अपनी जान बचाने के लिए भाग जाएंगे, या फिर ये दोनों ही बातें हो सकती हैं।"

इस दौरान, राजीव चंद्रशेखर ने पूर्व सीएम पिनाराई विजयन का जिक्र करते हुए कहा, "केरल में हमास के कट्टरपंथ फैलाने के प्रयासों के खिलाफ बोलने की वजह से पिनाराई विजयन ने मुझे अपशब्द कहे और मुझे निशाना बनाया। अनुच्छेद 19- बोलने और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का अधिकार हर भारतीय पर लागू होता है। अनुच्छेद 19(2) के तहत बोलने की स्वतंत्रता पर लगाई गई पाबंदियां भी हर भारतीय पर लागू होती हैं। इसलिए, मुख्यमंत्री सतीसन को मेरी यही सलाह है कि सभी मलयालियों के प्रति समान रूप से संवेदनशीलता और सम्मान सुनिश्चित करें, चाहे वे हिंदू हों, ईसाई हों या मुसलमान।"

चंद्रशेखर ने पोस्ट में लिखा, "जिन्ना के महिमामंडल जैसी बातों, टिप्पणियों, हरकतों या भावनाओं को बढ़ावा न दें। चुनिंदा धर्मनिरपेक्षता और सांप्रदायिक सद्भाव पर चुनिंदा बातें आपको भी अपने से पहले के अन्य सभी ढोंगी राजनेताओं जैसा ही बना देंगी।"

--आईएएनएस

डीसीएच/