राजस्थान में मस्जिद के अंदर जलाए गए युवक की मौत, आरोपी फरार
जयपुर, 20 मार्च (आईएएनएल)। अधिकारियों ने शुक्रवार को पुष्टि की कि एक मजदूर के तौर पर काम करने वाले युवक की, जिसे एक झगड़े के बाद मस्जिद के टॉयलेट में बंद करके आग लगा दी गई थी, जयपुर के एसएमएस अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई।
शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, यह घटना बुधवार को हुई, जब आरोपी हाफिज अब्दुल राशिद (जो एक स्थानीय मस्जिद का इमाम है) और पीड़ित हकीम पिंजारा (जो दिहाड़ी मजदूर था) के बीच किसी बात पर कहा-सुनी हो गई।
प्रत्यक्षदर्शियों का दावा है कि इमाम बचा हुआ खाना फेंक रहा था, तभी हकीम ने इस पर आपत्ति जताई और कहा कि इसे जानवरों को दे देना चाहिए। बताया जाता है कि इस बात पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई, जिसे बाद में गांव वालों ने शांत कराया।
गुरुवार सुबह करीब 9 बजे हकीम कथित तौर पर मस्जिद गया था। परिवार वालों और स्थानीय लोगों के आरोपों के मुताबिक, जब वह टॉयलेट में घुसा, तो आरोपी ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। इसके बाद उसने कथित तौर पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
हकीम की चीखें सुनकर गांव वाले मौके पर पहुंचे और उसे बचाने की कोशिश की। हकीम, जो बुरी तरह जल गया था, उसे तुरंत इलाज के लिए जयपुर रेफर कर दिया गया, जहां उसी रात बाद में उसकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने बताया कि वह कथित तौर पर जगदीश साहू नाम के एक गांव वाले की चोरी की हुई मोटरसाइकिल से भाग निकला। स्थानीय लोगों ने दावा किया है कि शायद इसी गाड़ी का इस्तेमाल पहले पेट्रोल लाने के लिए भी किया गया था।
हकीम पिंजारा, जो जयपुर में मजदूरी करता था, रमजान के महीने के लिए अपने गांव लौटा था। वह अपने परिवार में अकेला कमाने वाला था। उसकी मौत से उसके बेटे और बेटी के सामने मुश्किल हालात पैदा हो गए हैं।
पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। कई टीमें बनाई गई हैं और अधिकारी तकनीकी और स्थानीय सुरागों के आधार पर जांच कर रहे हैं। इस घटना के बाद गांव में तनाव और मातम का माहौल है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपनी निगरानी बढ़ा दी है।
--आईएएनएस
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