भारत के रक्षा उपकरण और तकनीक पर दुनिया का बढ़ रहा है भरोसा : पीएम मोदी
नई दिल्ली, 26 जुलाई (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के 136वें एपिसोड में इस महीने की शुरुआत में इंडोनेशिया के अपने दौरे को याद किया। पीएम मोदी के इंडोनेशिया दौरे के दौरान दोनों देशों के बीच ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों पर एक बड़ा समझौता हुआ था और भारत के रक्षा उपकरण और तकनीक पर दुनिया के बढ़ते भरोसे पर जोर दिया गया।
अपने महीने के रेडियो प्रोग्राम 'मन की बात' के 136वें एपिसोड में पीएम मोदी ने कहा, "चाहे डिफेंस प्रोडक्शन हो, एक्सपोर्ट हो या दोस्त देशों के साथ राजनीतिक सहयोग हो, भारत लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है।"
उन्होंने कहा, "इस महीने की शुरुआत में, मैं इंडोनेशिया में था, जहां ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के लिए एक बड़ा समझौता हुआ। भारत के रक्षा उपकरण और तकनीक पर दुनिया का भरोसा बढ़ रहा है।"
बता दें, घरेलू रक्षा उद्योग को बड़े स्तर पर बढ़ावा देते हुए, इस महीने की शुरुआत में भारत और इंडोनेशिया ने इंडोनेशियाई सेना को ब्रह्मोस मिसाइलों की सप्लाई के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया।
इंडोनेशिया भारत में विकसित अस्त्र एयर-टू-एयर मिसाइल भी खरीदेगा। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) द्वारा विकसित यह बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (बीवीआर) मिसाइल अत्यधिक फुर्तीले दुश्मन के लड़ाकू विमानों का पीछा कर उन्हें मार गिराने में सक्षम है।
भारत, इंडोनेशिया को ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल की अतिरिक्त बैटरियां भी उपलब्ध कराएगा।
दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा और संरक्षा में सहयोग के लिए एक रूपरेखा को भी अंतिम रूप दिया। इन समझौतों पर इस महीने की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया यात्रा के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे।
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने 1999 के कारगिल युद्ध के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। उन्होंने कहा कि कारगिल विजय दिवस हर भारतीय को गर्व से भर देता है और भारतीय सशस्त्र बलों के असाधारण साहस की याद दिलाता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, "हमारे जीवन में कुछ ऐसी तिथियां होती हैं, जिनके लिए हमें कैलेंडर देखने की जरूरत नहीं पड़ती। 26 जुलाई ऐसी ही एक तारीख है। आज कारगिल विजय दिवस है। यह दिन हमें गर्व से भर देता है और हमारे वीर सैनिकों के असाधारण साहस की याद दिलाता है।"
उन्होंने कहा, "कारगिल की ऊंची चोटियां, खराब मौसम, दुश्मन की मुश्किलें, हमारे सैनिकों ने हर हालात का सामना किया, फिर भी उनका हौसला किसी भी चुनौती से ज्यादा था। उन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए सब कुछ कुर्बान कर दिया। आज, कारगिल विजय दिवस पर, मैं सभी बहादुर शहीदों और सैनिकों को श्रद्धांजलि देता हूं।"
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का भारत न केवल अपने बहादुरों को याद करता है बल्कि यह भी "सुनिश्चित करता है कि उनकी कहानियां नई पीढ़ियों तक पहुंचे।"
उन्होंने कहा, "इसी भावना के साथ, इस साल एक खास 'शौर्य विजय यात्रा' का आयोजन किया गया है। यह मोटरसाइकिल अभियान, जो 14 जुलाई को दिल्ली के नेशनल वॉर मेमोरियल से शुरू हुआ था, द्रास में कारगिल वॉर मेमोरियल तक जाएगा। इसका संदेश है 'एक सवारी, एक देश, एक सलाम'। यह अभियान हमें याद दिलाता है कि देश के लिए दिए गए बलिदानों को कभी भुलाया नहीं जा सकता।"
पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने सैनिकों की हिम्मत के साथ-साथ अपनी तकनीकी क्षमताओं को भी लगातार मजबूत कर रहा है।
उन्होंने भारतीय नौसेना में आईएनएस महेंद्रगिरी के शामिल होने का जिक्र किया। उन्होंने कहा, "यह मॉडर्न वॉरशिप भारत में डिजाइन किया गया है और भारत में ही बना है। इसमें 75 फीसदी से ज्यादा स्वदेशी कंटेंट का इस्तेमाल किया गया है। यह 'आत्मनिर्भर भारत' की बढ़ती ताकत का प्रतीक है।"
प्रधानमंत्री मोदी ने पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट (एलआरजीआर-120) का जिक्र किया, यह एक एडवांस्ड, प्रिसिजन-गाइडेड आर्टिलरी रॉकेट सिस्टम है जिसकी मैक्सिमम स्ट्राइक रेंज लगभग 120 किलोमीटर और वैलिडेट मिनिमम रेंज 60 किलोमीटर है। इसे डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) ने भारत में ही विकसित किया है।
उन्होंने कहा, "इस सफलता के पीछे हमारे वैज्ञानिकों और इंजीनियरों की मिलकर की गई कड़ी मेहनत है।"
उन्होंने खुशा मिसाइल के सफल फ्लाइट टेस्ट पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा, "इस कारगिल विजय दिवस पर, आइए हम अपने शहीदों को दिल से श्रद्धांजलि दें और एक सुरक्षित, सक्षम और आत्मनिर्भर भारत बनाने के अपने संकल्प को मजबूत करें।"
--आईएएनएस
केके/पीएम
