दक्षिण एशिया में पहली बार गुजरात में वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम, वैश्विक विशेषज्ञ करेंगे मंथन
गांधीनगर, 14 सितंबर (आईएएनएस)। दक्षिण एशिया में होने वाले पहले 'वर्ल्ड सर्कुलर इकोनॉमी फोरम' (डब्ल्यूसीईएफ) की मेजबानी गुजरात की राजधानी गांधीनगर करेगी।
इस कार्यक्रम में 65 से ज्यादा देशों के 2,000 से अधिक स्टेकहोल्डर्स (हितधारक) शामिल होंगे और रिसोर्स एफिशिएंसी (संसाधन दक्षता), सर्कुलर फाइनेंस, इनोवेशन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग जैसे विषयों पर चर्चा करेंगे।
यह फोरम 15 से 16 सितंबर तक महात्मा मंदिर में 'सर्कुलर इकोनॉमी: लोगों और समृद्धि के लिए बदलाव' थीम के तहत आयोजित किया जाएगा।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मंगलवार को संयुक्त रूप से इसका उद्घाटन करेंगे।
उद्घाटन सत्र में राज्य के वन, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन मंत्री अर्जुन मोढवाडिया, भारत में फिनलैंड के राजदूत मिक्को किविकोस्की, सिट्रा के अध्यक्ष एटे जास्केलाइनेन, नीदरलैंड के आर्थिक मामलों और जलवायु मंत्रालय की मैरीके स्पाइकरबोअर और केंद्र व राज्य सरकारों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल होंगे।
इस फोरम का आयोजन संयुक्त रूप से सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (सीपीसीबी), फिनिश इनोवेशन फंड सिट्रा, फिनलैंड सरकार, पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, गुजरात सरकार और गुजरात पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड द्वारा किया जा रहा है।
सर्कुलर इकोनॉमी के तरीकों में चीजों और उत्पादों को दोबारा इस्तेमाल, मरम्मत और रीसाइक्लिंग के जरिए लंबे समय तक इस्तेमाल में बनाए रखने पर जोर दिया जाता है, ताकि उन्हें मूल्यवान संसाधनों के रूप में अर्थव्यवस्था में वापस लाया जा सके।
इस फोरम का मकसद इस क्षेत्र में भारत की पहलों को दिखाना और साथ ही अंतरराष्ट्रीय सहयोग, खासकर 'ग्लोबल साउथ' के देशों के साथ सहयोग को मजबूत करना है। इस फोरम में बिजनेस लीडर्स, उद्यमी, इनोवेटर्स, रिसर्चर, पॉलिसी बनाने वाले, शिक्षाविद और अन्य स्टेकहोल्डर्स एक साथ आएंगे।
चर्चा का मुख्य केंद्र सर्कुलर फाइनेंस और प्राइवेट सेक्टर के निवेश को जुटाना, पॉलिसी पर बातचीत और अलग-अलग सेक्टर के बीच पार्टनरशिप, साथ ही सर्कुलरिटी के लिए इनोवेशन, डिजिटलाइजेशन और टेक्नोलॉजी होगा।
15 और 16 सितंबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में चार प्लेनरी सेशन (पूर्ण सत्र) और 16 विषय-आधारित सत्र शामिल होंगे।
इन चर्चाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का इस्तेमाल, रोजगार की संभावनाओं, ऊर्जा उत्पादन, फाइनेंस, गवर्नेंस, टिकाऊ उत्पादों, औद्योगिक समाधानों, स्टार्ट-अप इकोसिस्टम और युवाओं के नेतृत्व जैसे विषयों को शामिल किया जाएगा। इस जगह पर होने वाले इंटरनेशनल एक्सपो में 125 से ज्यादा नेशनल और इंटरनेशनल एग्जिबिटर हिस्सा लेंगे। इसमें स्टार्ट-अप्स द्वारा तैयार किए गए प्रैक्टिकल सर्कुलर-इकोनॉमी समाधान और इन्वेस्टमेंट के लिए तैयार इनोवेशन दिखाए जाएंगे।
यह फोरम 15 सितंबर को गांधीनगर में 'सस्टेनेबल कंजम्पशन एंड प्रोडक्शन पैटर्न्स पर 10 साल के प्रोग्राम फ्रेमवर्क' (10 वाईएफपी) के बोर्ड की आमने-सामने होने वाली मीटिंग के साथ भी होगा।
भारत ने हाल ही में 10 वाईएफपी बोर्ड के को-चेयर की भूमिका संभाली है, जो सस्टेनेबल कंजम्पशन और प्रोडक्शन को बढ़ावा देने का काम करता है।
बड़ा डब्ल्यूसीईएफ कार्यक्रम 17 और 18 सितंबर को भी जारी रहेगा, जब ग्लोबल पार्टनर गांधीनगर और दुनिया भर की दूसरी जगहों पर ऑनलाइन, हाइब्रिड और आमने-सामने के फॉर्मेट में 80 एक्सेलेरेटर सेशन आयोजित करेंगे।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह 16 सितंबर को समापन समारोह में शामिल होंगे। फिनलैंड की जलवायु और पर्यावरण मंत्री सारी मुलताला, डिप्टी सीएम और उद्योग मंत्री हर्ष संघवी, वन और पर्यावरण मंत्री अर्जुन मोढवाडिया और वन और पर्यावरण राज्य मंत्री प्रवीण माली के भी शामिल होने की उम्मीद है।
यह प्रोग्राम सिट्रा के प्रतिनिधि द्वारा फोरम को अगले मेजबान को औपचारिक रूप से सौंपने के साथ खत्म होगा।
इस एडिशन का मकसद सरकारों, बिजनेस, रिसर्चर्स और दूसरे स्टेकहोल्डर्स को पारंपरिक प्रोडक्शन और कंजम्पशन मॉडल से हटकर ऐसे सिस्टम की ओर बढ़ने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए एक प्लेटफॉर्म देना है, जो संसाधनों का ज्यादा कुशल इस्तेमाल करते हैं और मटीरियल को सर्कुलेशन में बनाए रखते हैं।
--आईएएनएस
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