तेलंगाना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता महिला सशक्तीकरण है : रेवंत रेड्डी
हैदराबाद, 8 नवंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने रविवार को कहा कि महिला सशक्तीकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने महिलाओं से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों को शिक्षित करने का आग्रह किया, ताकि उनका जीवन बदल सके।
उन्होंने कहा, “आपके बच्चों को उन कठिनाइयों का सामना नहीं करना चाहिए, जिनका सामना आपने किया है। इसके साथ ही अपनी बेटियों को उच्च शिक्षा दिलाने का संकल्प लेने की अपील की।"
ये बातें मुख्यमंत्री ने विकाराबाद जिले के अपने विधानसभा क्षेत्र कोडंगल में महिला स्वयं सहायता समूहों की सदस्यों से बातचीत करते हुए कही।
रेवंत रेड्डी ने दोहराया कि तेलंगाना सरकार का लक्ष्य 2034 तक महिला स्वयं सहायता समूहों में एक करोड़ सदस्यों का लक्ष्य हासिल करना और उन्हें 'करोड़पति' के रूप में प्रोत्साहित करना है।
उन्होंने कहा, ''मेरा जीवन तभी सार्थक होगा, जब मैं मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान एक करोड़ महिलाओं को करोड़पति बनने में मदद कर सकूं।''
उन्होंने बताया कि 7 लाख महिलाएं पहले ही स्वयं सहायता समूहों की सदस्य बन चुकी हैं।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि वे महिला समूहों के साथ अपना जन्मदिन मनाकर खुश हैं। दीपावली के त्योहार के बावजूद मुझे जन्मदिन की शुभकामनाएं देने आई सभी महिलाओं का मैं धन्यवाद करता हूं।
मुख्यमंत्री ने उन्हें इतने उच्च पद तक पहुंचाने में महिलाओं के अटूट समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जीवन में उनकी कोई और व्यक्तिगत आकांक्षा नहीं है और उन्होंने दोहराया कि महिला सशक्तीकरण उनकी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और उद्यमी बनना चाहिए। मुख्यमंत्री ने ‘चेयुथा’ योजना के तहत 45 लाख नए लाभार्थियों को पेंशन वितरण भी शुरू किया।
उन्होंने कहा कि इन 45 लाख नए लाभार्थियों में 35 लाख एकल महिलाएं और विधवाएं शामिल हैं। उन्होंने बताया कि बुनकरों और ताड़ी निकालने वालों के लिए भी पर्याप्त पेंशन स्वीकृत की गई है।
भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के कार्यकारी अध्यक्ष के. टी. रामाराव (केटीआर) पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि केटीआर एक क्रूर व्यक्ति हैं, जिन्होंने अपनी बहन कविता को भी घर से निकाल दिया।
मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण पर केटीआर के बड़े-बड़े दावों का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा, “केटीआर बढ़ती दाढ़ी और अजीबोगरीब हाव-भाव के साथ गांवों में घूम रहे हैं। उनकी अपनी बहन ने उनके शर्मनाक कृत्यों का खुलासा किया है। बीआरएस को अपने 10 साल के शासनकाल में किए गए कार्यों के बारे में खुलकर बोलना चाहिए।”
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार द्वारा शुरू की गई कई महिला सशक्तीकरण योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा, "महिलाएं बिना किसी अपेक्षा के पूरे घर की जरूरतों का ख्याल रखती हैं। घर तभी फलता-फूलता है, जब महिला ही घर की बागडोर संभालती है।"
उन्होंने बताया कि सरकार ने सरकारी स्कूलों में छात्रों की ड्रेस सिलने का काम महिलाओं को सौंपा है, जो अब सालाना 150 से 200 करोड़ रुपए का कारोबार कर रही हैं। स्वयं सहायता समूह को पेट्रोल पंप और सौर ऊर्जा उत्पादन जैसे उपक्रमों में भी भागीदार बनाया गया है। सरकार ने सचिवालय और अन्य सभी सरकारी कार्यालयों सहित 'इंदिराम्मा कैंटीन' का प्रबंधन महिलाओं को सौंप दिया है।
उन्होंने खुलासा किया कि 34 महीनों में उनकी सरकार ने महिलाओं के लिए 79,000 करोड़ रुपए के बैंक-लिंक्ड ऋण उपलब्ध कराए हैं। इंदिराम्मा घरों का पंजीकरण महिलाओं के नाम पर किया गया है और सरकार ने 200 यूनिट मुफ्त बिजली भी प्रदान की है। मुफ्त आरटीसी बस यात्रा से प्रतिदिन 37 लाख महिलाओं को लाभ मिल रहा है।
--आईएएनएस
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