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महाराष्ट्र पुलिस ने युवती को मान लिया था मृत, मध्य प्रदेश में जिंदा मिलने पर हत्या के मामले में आया बड़ा मोड़

बुरहानपुर, 28 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की जलगांव पुलिस ने 26 साल की शिवानी को मृत मान लिया था और उसके पिता और भाई को इस अपराध के लिए गिरफ्तार कर लिया था। बाद में वह मध्य प्रदेश में जिंदा मिली। इस संबंध में पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी।
 
महाराष्ट्र पुलिस ने युवती को मान लिया था मृत, मध्य प्रदेश में जिंदा मिलने पर हत्या के मामले में आया बड़ा मोड़

बुरहानपुर, 28 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र की जलगांव पुलिस ने 26 साल की शिवानी को मृत मान लिया था और उसके पिता और भाई को इस अपराध के लिए गिरफ्तार कर लिया था। बाद में वह मध्य प्रदेश में जिंदा मिली। इस संबंध में पुलिस ने गुरुवार को जानकारी दी।

बुरहानपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) आशुतोष बागड़ी के मुताबिक, शिवानी और अरुण के लापता होने की शिकायतें उनके परिवार वालों ने 1 मई और 9 मई को खाकनार पुलिस स्टेशन में दर्ज कराई थीं।

इसी बीच, महाराष्ट्र में जलगांव पुलिस के अधिकार क्षेत्र वाले एक इलाके में एक अज्ञात युवती का बिना सिर वाला और आंशिक रूप से जला हुआ शव मिला, जिसकी उम्र शिवानी जितनी ही लग रही थी। पुलिस ने शव की पहचान शिवानी के रूप में की।

एसपी बागड़ी ने पत्रकारों को बताया, "बाद में, एक जांच की गई, और शिकायत में हत्या की धाराएं जोड़ दी गईं। लड़की के पिता और भाई को गिरफ्तार कर लिया गया।"

हालांकि, पुलिस ने कहा कि बाद की जांच से पता चला कि शिवानी और अरुण साथ थे।

मामले में तब एक नाटकीय मोड़ आया जब शिवानी बुरहानपुर पुलिस के सामने पेश हुई। उसने कहा कि उसके पिता और भाई बेकसूर हैं और उन्हें रिहा करने की मांग की।

एसपी बागड़ी ने इसे 'विरोधाभासी स्थिति' बताते हुए कहा, "यहां शिवानी अरुण के साथ जिंदा मिली, जबकि महाराष्ट्र में उसके नाम पर हत्या का मामला दर्ज था।"

इस घटना ने पुलिस के काम करने के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि पुलिस ने बरामद शव का डीएनए टेस्ट किए बिना ही उसे शिवानी का शव घोषित कर दिया था और उसके पिता, बापूराम कालमेकर, और भाई, अजय कालमेकर, को गिरफ्तार कर लिया था।

एसपी ने कहा, "हमने जलगांव पुलिस को इस बारे में सूचित कर दिया है और लड़की को उन्हें सौंप दिया है। वे आगे की जांच कर रहे हैं।"

एसपी ने कहा कि लड़की के बायोमेट्रिक्स का इस्तेमाल यह पुष्टि करने के लिए किया गया है कि वह वही व्यक्ति है जिसके लापता होने की शिकायत दर्ज की गई थी।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी