रेणुकास्वामी हत्याकांड : गवाह को धमकी मिलने के बाद कर्नाटक पुलिस ने दो उद्योगपतियों और एक महिला का पता लगाया
बेंगलुरू, 11 अगस्त (आईएएनएस)। रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में गवाही देने वाले संदीप को अपहरण और जान से मारने की धमकी दी गई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने कथित तौर पर इस मामले में दो ऐसे उद्योगपतियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी संदीप को धमकी देने में अहम भूमिका रही।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों की पहचान किरण और गौरव के रूप में हुई है। साथ ही, इस मामले में एक प्रभावशाली महिला की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फॉंरेंसिक जांच में यह सामने आया है कि जब संदीप को धमकी दी जा रही थी, तब किरण और गौरव शेट्टी दोनों कॉन्फ्रेंस कॉल पर थे। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने आरोपी पुनीत को संदीप को धमकाने और ब्लैकमेल करने के लिए इस्तेमाल किया।
संदीप बार कैशियर है और फैन मर्डर मामले में 49वां गवाह है। कथित तौर पर उसे कार में बलपूर्वक अंदर ले जाते हुए धमकाया गया और उसे गंभीर परिणाम भी भुगतने की धमकी दी गई। कामाक्षीपाल्या पुलिस ने इस मामले में एक और केस दर्ज कर घटना की जांच शुरू कर दी।
इससे पहले, पुलिस ने तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिसमें प्रमुख रूप से पुनीत, सुहास और वेणु शामिल है। इन आरोपियों को इसी मर्डर केस में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने पुनीत का मोबाइल फोन जब्त कर लिया और व्हाट्सएप डेटा को भी प्राप्त करने की कोशिश की। इसके बाद उस डेटा को एफएसएल की टीम को जांच के लिए भेजा गया।
एफएसएल की रिपोर्ट ने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को आरोपी और दो अन्य उद्योगपतियों के बीच संवाद स्थापित करने में मदद की। पुलिस को इस बात पर शक हुआ कि किरण और गौरव पुनीत के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल पर थे, जब संदीप को धमकाया जा रहा था।
अब इस मामले में प्रभावशाली महिला की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इससे पहले कि किरण और गौरव महिला से संपर्क स्थापित करते, महिला ने कथित तौर पर पुनीत से संपर्क स्थापित किया और उन्हें उन सभी निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा, जो कि उद्योगपतियों की ओर से दिए गए थे।
पुलिस को इस बात का शक है कि संदीप को धमकाने का मकसद यही है कि उसे इस मर्डर केस में किसी भी प्रकार की गवाही या कोई अहम जानकारी देने से रोका जा सके।
पुलिस की ओर से पुनीत के मोबाइल फोन से डिजिटल सबूत बरामद किए जाने के बाद जांच को गति मिली है। व्हाट्सएप डेटा और दूसरे फॉरेंसिक सबूतों ने जांच में मदद की। इन सबूतों से आरोपी की कथित भूमिका और इस मामले में शामिल अन्य लोगों से उसके संवाद के बारे में जानकारी मिलने में मदद मिली है।
अब इस मामले में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने से पहले पुलिस फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच कर रही है, ताकि आगे क्या कदम बढ़ाना है। इस पर विचार किया जाए। रेणुकास्वामी हत्याकांड मामले में संदीप 49 गवाही देने वाला व्यक्ति है।
अब इस नई घटना ने जांच में एक नई परत जोड़ दी है। जिसमें यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या इस मामले से जुड़े गवाहों को धमकी देने की कोशिश की जा रही है।
--आईएएनएस
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