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'बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट रद्द हो,' देवेगौड़ा ने कर्नाटक सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने की चेतावनी दी

बेंगलुरु, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने मंगलवार को प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़ी हिंसा की घटना को लेकर कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला किया।
 

बेंगलुरु, 14 जुलाई (आईएएनएस)। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के प्रमुख एचडी देवेगौड़ा ने मंगलवार को प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट से जुड़ी हिंसा की घटना को लेकर कर्नाटक सरकार पर तीखा हमला किया।

उन्होंने मांग की कि प्रदर्शनकारी किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर तुरंत वापस ली जाएं और सरकार से प्रोजेक्ट को रद्द करने का आग्रह किया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने उनकी अपील को नजरअंदाज किया तो वे विधान सौधा में महात्मा गांधी की प्रतिमा के सामने सत्याग्रह शुरू करने के लिए मजबूर होंगे।

देवेगौड़ा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि सोमवार को मंडलाहल्ली गांव में जॉइंट मेजरमेंट सर्वे (जेएमसी) के दौरान हुई हिंसा दुर्भाग्यपूर्ण थी। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह किसानों को अपराधी ठहराने के बजाय उनकी मुश्किलों को समझे।

उन्होंने सरकार से किसानों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने की अपील की और कहा कि पुलिस को किसानों के दर्द और तकलीफ को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि सर्वे अब रोक दिया गया है और इस फैसले का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सरकार को एक कदम और आगे बढ़कर बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट को रद्द कर देना चाहिए।

पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने 25 जून को मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को पत्र लिखकर किसानों की चिंताओं के बारे में बताया था और प्रोजेक्ट पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा कि लगभग 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन उन्हें अपने पत्र की पावती भी नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एक सांसद या राजनीतिक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि एक किसान के बेटे के तौर पर पत्र लिखा था, और उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री, जो खुद को किसान का बेटा भी कहते हैं, पत्र पढ़ेंगे और छोटे किसानों की चिंताओं को समझेंगे।

देवेगौड़ा ने कहा कि प्रस्तावित टाउनशिप का 2,555 छोटे और सीमांत किसानों पर बुरा असर पड़ेगा, जिनमें से कई अपनी आजीविका के लिए खेती और डेयरी फार्मिंग पर निर्भर हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने मवेशियों के लिए चारा उगाते हैं और इस इलाके में हर दिन लगभग 60,000 लीटर दूध का उत्पादन होता है।

सर्वे से जुड़ी हिंसा का जिक्र करते हुए देवेगौड़ा ने कहा कि किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन सवाल उठाया कि स्थिति को बिगड़ने क्यों दिया गया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार ने एक ऐसे प्रोजेक्ट को फिर से शुरू किया है जिसे एचडी कुमारस्वामी के कार्यकाल के दौरान जनता के विरोध के कारण रोक दिया गया था। जब कुमारस्वामी ने पहले टाउनशिप का प्रस्ताव रखा था तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया था, एक जांच समिति बनाई थी और प्रोजेक्ट को रद्द करने के लिए मजबूर किया था। उन्होंने कहा कि आज वही कांग्रेस सरकार अंतिम नोटिफिकेशन जारी करने के बाद इसे लागू कर रही है।

उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार ने डी.के. के एक महीने बाद ही जल्दबाजी में जमीन अधिग्रहण क्यों शुरू कर दिया। शिवकुमार ने मुख्यमंत्री का पद संभाला। उन्होंने कहा कि सिद्दारमैया ने कभी भी इस जमीन को हासिल करने के लिए अधिकारी नहीं भेजे, जबकि मुख्यमंत्री बनने के एक महीने के भीतर ही डीके शिवकुमार ने यह प्रक्रिया शुरू कर दी थी और लोगों को इसके पीछे की वजह पता थी।

बिदादी टाउनशिप प्रोजेक्ट कर्नाटक में राजनीति का एक बड़ा मुद्दा बन गया है। राज्य सरकार इसे शहरी विकास की एक बड़ी पहल बताकर इसका बचाव कर रही है, वहीं भारतीय जनता पार्टी, जेडीएस और किसानों का एक वर्ग इसका जोरदार विरोध कर रहा है। उनका आरोप है कि इस प्रोजेक्ट की वजह से हजारों किसान अपनी उपजाऊ जमीन और आजीविका से वंचित हो जाएंगे।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी