पश्चिम बंगाल : भाजपा ने ममता बनर्जी को चुनौती देने के लिए भवानीपुर में वॉर रूम बनाया
कोलकाता, 1 मार्च (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) आने वाले विधानसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को उनके विधानसभा क्षेत्र भवानीपुर में कड़ी टक्कर देना चाहती है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता और भाजपा के पुराने नेता सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर चुनाव क्षेत्र में एक 'वॉर रूम' बनाया है। भाजपा सूत्रों ने रविवार को यह जानकारी दी।
यह 'वॉर रूम' कोलकाता नगर निगम (केएमसी) इलाके के वार्ड नंबर-70 में 8/1बी चक्रबेरिया रोड (साउथ) के एक घर के ग्राउंड फ्लोर पर बनाया गया है।
ध्यान दें कि भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र केएमसी के आठ वार्डों- 63, 70, 71, 72, 73, 74, 77 और 82 को मिलाकर बना है।
2014 के लोकसभा चुनावों के बाद से, भाजपा को भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र के छह वार्डों में लगातार अच्छे वोट मिल रहे हैं।
कई मामलों में तो भाजपा वार्ड 63, 70, 71, 72 और 74 में सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस को पीछे छोड़ते हुए बड़े अंतर से आगे रही है।
इन आंकड़ों के आधार पर, विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को हराना चाहते हैं। यही वजह है कि विपक्ष के नेता सप्ताह में कम से कम एक बार भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं।
2021 के राज्य विधानसभा चुनावों में, मुख्यमंत्री ने अपना विधानसभा क्षेत्र छोड़कर पूर्वी मिदनापुर जिले के नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था, जो सुवेंदु अधिकारी का विधानसभा क्षेत्र है।
हालांकि, नंदीग्राम में सुवेंदु अधिकारी से हारने के बाद, ममता बनर्जी ने बाद में भवानीपुर विधानसभा उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनने की संवैधानिक जरूरत पूरी की।
भाजपा लीडरशिप का कहना है कि मुख्यमंत्री आने वाला विधानसभा चुनाव भवानीपुर से लड़ेंगी। इसलिए, भाजपा लीडरशिप ने विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी को तैयारी करने के निर्देश दिए हैं ताकि इस बार ममता बनर्जी को कड़ी टक्कर मिल सके।
पश्चिम बंगाल भाजपा के एक सूत्र ने बताया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ने की स्ट्रैटेजी वार्ड नंबर-70 में पार्टी के वॉर रूम ऑफिस से लागू की जाएगी।
चूंकि इस वार्ड में भाजपा के सबसे ज्यादा वोट हैं, इसलिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ लड़ने के लिए इस वार्ड में एक ऑफिस बनाने का फैसला किया गया है।
एक भाजपा नेता के मुताबिक, तृणमूल कांग्रेस ने भवानीपुर सीट बार-बार सिर्फ एक वार्ड में मिले वोटों के मार्जिन के आधार पर जीती है।
चूंकि भवानीपुर का वार्ड नंबर-77 माइनॉरिटी बाहुल्य है, इसलिए तृणमूल कांग्रेस को इस वार्ड से भारी वोट मिले।
हैरानी की बात है कि आंकड़ों के मुताबिक, मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के विधानसभा क्षेत्र में करीब 47,000 मतदाताओं के नाम हटाए गए, जबकि सुवेंदु अधिकारी के एरिया में यह आंकड़ा करीब 11,000 था। पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) के ऑफिस से मिले डेटा के मुताबिक, कोलकाता के भवानीपुर विधानसभा इलाके में, जहां के विधायक मुख्यमंत्री हैं, फाइनल वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की कुल संख्या 47,111 है।
भवानीपुर के मामले में, जिन मतदाताओं के डॉक्यूमेंट अभी कोर्ट में चल रहे हैं, उनकी संख्या 14,154 है, जिसका मतलब है कि कोर्ट के फैसले की प्रक्रिया के आखिर में उस इलाके से और नाम हटाए जाने की संभावना है।
भाजपा के सूत्रों ने बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट से हटाए गए नामों की सबसे ज्यादा संख्या वार्ड नंबर-77 से है। इस वजह से, भाजपा को भवानीपुर में तृणमूल कांग्रेस के वोट कम करने और आने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में बढ़त हासिल करने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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