एआई बड़ा जोखिम; कानूनी, वित्तीय के साथ प्रतिष्ठा को पैदा कर सकता है चुनौतियां : विप्रो
नई दिल्ली, 3 जून (आईएएनएस)। देश की दिग्गज आईटी कंपनी विप्रो ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) अपनाने को सबसे बड़ा व्यापार जोखिम बताया है और कहा है कि एआई सिस्टम से पैदा होने वाले खराब एल्गोरिदम, पूर्वाग्रह, नियामक अनिश्चितताएं और अनपेक्षित परिणाम कंपनी के सामने कानूनी, वित्तीय और प्रतिष्ठा संबंधी चुनौतियों को पेश कर सकते हैं।
वित्त वर्ष 26 के लिए अपनी वार्षिक रिपोर्ट में विप्रो ने कहा कि वह अपने आंतरिक परिचालन और क्लाइंट सॉल्यूशंस में जनरेटिव एआई और ऑटोनोमस एआई टेक्नोलॉजी को तैनात कर रहे हैं। हालांकि, यह टेक्नोलॉजी अभी अनिश्चित है और तेजी से बदल रही है।
विप्रो ने रिपोर्ट में कहा, "एआई टेक्नोलॉजी का विकास, अपनाना और उपयोग अनिश्चित और परिवर्तनशील बना हुआ है, और हम एआई केंद्रित सॉल्यूशंस को सफलतापूर्वक विकसित, तैनात या विस्तारित और अपेक्षित लाभों को प्राप्त करने में शायद सक्षम नहीं हों।"
कंपनी ने चेतावनी दी कि एआई टेक्नोलॉजी में इनोवेशन करने या उन्हें प्रभावी ढंग से एकीकृत करने में असमर्थता, या ऐसी टेक्नोलॉजी के अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन न कर पाने से उसकी प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति, परिचालन दक्षता और वित्तीय प्रदर्शन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
विप्रो ने कहा कि सीमित मानवीय हस्तक्षेप के साथ संचालित एआई प्रणालियों से अनपेक्षित परिणाम और परिचालन संबंधी कमियों की संभावना बढ़ जाती है।
इससे तरह की कमियों से प्रोजेक्ट में देरी, कॉन्ट्रैक्ट के दायित्व पूरे न कर पाना, ग्राहकों के साथ विवाद और बिजनेस के जाने का खतरा पैदा हो सकता है।
कंपनी ने यह भी बताया कि ग्राहकों द्वारा एआई-आधारित ऑटोमेशन और सेल्फ-सर्विस टूल्स को तेजी से अपनाने से कुछ पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग कम हो सकती है, जिससे कीमतों, लाभ मार्जिन और समग्र सेवा मिश्रण पर दबाव पड़ सकता है।
कंपनी के अनुसार, एआई को अपनाने से कानूनी और नियामक जोखिम भी बढ़ रहे हैं।
विप्रो ने कहा कि ग्राहक एआई तैनाती से संबंधित मजबूत संविदात्मक सुरक्षा उपायों की मांग कर सकते हैं, जिनमें वारंटी, क्षतिपूर्ति, लेखापरीक्षा अधिकार और बौद्धिक संपदा स्वामित्व, डेटा उपयोग, साइबर सुरक्षा, नियामक अनुपालन और एआई-जनरेटेड आउटपुट से संबंधित दायित्व शामिल हैं।
कंपनी ने चेतावनी दी है कि यदि एआई-आधारित सॉल्यूशंस से ग्राहकों, उनके उपभोक्ताओं या अन्य थर्ड पार्टी को नुकसान पहुंचता है, तो उसे नियामक जांच, मुकदमेबाजी, वित्तीय देनदारियों, प्रतिष्ठा को नुकसान और अनुपालन लागत में वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।
एआई से संबंधित चिंताओं के साथ-साथ, विप्रो ने एडवांस साइबर हमलों से उत्पन्न बढ़ते खतरे का भी जिक्र किया।
कंपनी ने कहा कि डीपफेक बनाने के लिए उन्नत एआई मॉडल के दुर्भावनापूर्ण उपयोग और एआई-संचालित सोशल इंजीनियरिंग हमलों ने साइबर खतरे के दायरे को काफी हद तक बढ़ा दिया है।
इससे विप्रो और उसके थर्ड पार्टी विक्रेताओं दोनों को डेटा उल्लंघन, रैंसमवेयर घटनाओं और अन्य साइबर सुरक्षा हमलों के बढ़ते जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है।
कंपनी ने भू-राजनीतिक और व्यापक आर्थिक अनिश्चितताओं को भी भविष्य के विकास के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियों के रूप में बताया।
विप्रो ने कहा कि बदलते टैरिफ और व्यापार नीतियां, भू-राजनीतिक तनाव और उन क्षेत्रों में संघर्ष जहां वह या उसके ग्राहक काम करते हैं, व्यवसायिक विकास को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित कर सकते हैं।
--आईएएनएस
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