अगर दोषी साबित हुआ तो राजनीति छोड़ दूंगा: ओ पन्नीरसेल्वम
चेन्नई, 24 फरवरी (आईएएनएस)। तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ पन्नीरसेल्वम ने कहा कि अगर उनकी तरफ से कोई गलत काम साबित हुआ तो वह राजनीति से दूर हो जाएंगे। साथ ही, उन्होंने किसी भी हालत में अलग राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावना से भी इनकार कर दिया।
पूर्व मुख्यमंत्री जे जयललिता की 78वीं जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वह अन्नाद्रमुक की विरासत को बचाने और उसकी एकता को फिर से कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने जयललिता की मूर्ति पर माला चढ़ाई और फिर मीडिया से बात की।
एएमएमके चीफ टीटीवी दिनाकरन के साथ अपने रिश्तों के बारे में सवालों के जवाब में पन्नीरसेल्वम ने कहा कि वह दिनाकरन के लिए बहुत सम्मान रखते हैं, लेकिन राजनीतिक मर्यादा का हवाला देते हुए उन्होंने और बताने से मना कर दिया। यह पूछे जाने पर कि क्या वह फिर से चुनाव लड़ेंगे, उन्होंने कहा कि ऐसे फैसले भगवान की इच्छा पर छोड़ दिए जाएंगे।
अन्नाद्रमुक के जनरल सेक्रेटरी एडप्पादी के पलानीस्वामी पर निशाना साधते हुए पन्नीरसेल्वम ने कहा कि कोऑर्डिनेटर और को-कोऑर्डिनेटर के दोहरे लीडरशिप पद शुरू करना पलानीस्वामी का फैसला था। उन्होंने यह अरेंजमेंट सिर्फ पार्टी में फूट रोकने के लिए माना था। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि अब वे आरोप लगा रहे हैं कि लीडरशिप की तरफ मेरे कदम ने पार्टी को कमजोर कर दिया। क्या मैं कभी ऐसा करूंगा? लोग और पार्टी कैडर उनके इरादों का अंदाजा लगाएंगे।
पन्नीरसेल्वम ने पलानीस्वामी की लीडरशिप वाली अन्नाद्रमुक के चुनावी ट्रैक रिकॉर्ड पर भी सवाल उठाए और साथ ही दावा किया कि पार्टी लगातार चुनावों में जीत हासिल करने में नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी की मौजूदा हालत और गिरावट उनकी लीडरशिप का नतीजा है। वह और उनके सपोर्टर अन्नाद्रमुक को इसके फाउंडर एमजी रामचंद्रन के बनाए पार्टी नियमों के हिसाब से फिर से बनाने के लिए कानूनी लड़ाई में लगे हुए हैं।
अपनी व्यक्तिगत इच्छा के बारे में अटकलों को खारिज करते हुए पन्नीरसेल्वम ने सवाल किया कि क्या पार्टी में एकता की मांग करना गलत है। उन्होंने कहा कि अगर आप मुझे बता सकते हैं कि मैंने क्या गलती की है, तो मैं पॉलिटिक्स छोड़ दूंगा और अलग पार्टी बनाने की बात को फिर से खारिज कर दिया। 2026 के विधानसभा चुनावों पर उन्होंने कहा कि डीएमके गठबंधन बना हुआ है और मजबूत है, जबकि बंटी हुई अन्नाद्रमुक को चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में डीएमके सत्ता में वापस आ सकती है।
उन्होंने आगे कहा कि कई धोखे सहने और भारी बोझ उठाने के बाद, आप ही मुझे बताएं कि मुझे क्या स्टैंड लेना चाहिए।
--आईएएनएस
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