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मध्य प्रदेश में एमएसपी पर गेहूं की खरीद 23 मई तक जारी रहेगी: राज्य सरकार

भोपाल, 9 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद को 9 मई से 23 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। सरकार ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में और खरीद केंद्रों पर पहुंचने वाली सभी उपज की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।
 
मध्य प्रदेश में एमएसपी पर गेहूं की खरीद 23 मई तक जारी रहेगी: राज्य सरकार

भोपाल, 9 मई (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने शनिवार को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं की खरीद को 9 मई से 23 मई तक बढ़ाने की घोषणा की। सरकार ने कहा कि यह निर्णय किसानों के हित में और खरीद केंद्रों पर पहुंचने वाली सभी उपज की सुचारू खरीद सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि राज्य भर में 9.78 लाख किसानों से अब तक 60.7 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा चुकी है।

मंत्री ने कहा कि खरीद प्रक्रिया सप्ताह में 6 दिन, सोमवार से शनिवार तक संचालित की जाती है।

उन्होंने कहा कि केवल 9 मई को ही मध्य प्रदेश के विभिन्न खरीद केंद्रों पर 31,629 किसानों से 2.79 लाख मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई।

बयान के अनुसार, सरकार ने किसानों के इंतजार को कम करने के लिए वजन पर्ची जारी करने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे कर दिया है।

भुगतान वाउचर जारी करने की अंतिम तिथि भी बढ़ाकर रात 12 बजे तक कर दी गई है।

राज्य सरकार ने खरीद केंद्रों पर तराजू की संख्या भी चार से बढ़ाकर छह कर दी है।

जिला प्रशासनों को किसानों की भीड़ के अनुसार तराजू की संख्या और बढ़ाने का अधिकार दिया गया है।

राजपूत ने कहा कि खरीद के मौसम में ऑनलाइन कार्यभार बढ़ने के कारण राष्ट्रीय सूचना केंद्र के सर्वरों की क्षमता और संख्या में भी वृद्धि की गई है।

खाद्य विभाग सुचारू संचालन और समय पर समस्या समाधान सुनिश्चित करने के लिए खरीद गतिविधियों की हर घंटे निगरानी कर रहा है।

मंत्री ने कहा कि किसानों के बैंक खातों में सीधे 11,610 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है।

किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य योजना के तहत खरीदे गए गेहूं के लिए 2,625 रुपए प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है, जिसमें केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 2,585 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य और राज्य सरकार द्वारा दिया जाने वाला 40 रुपए का बोनस शामिल है।

--आईएएनएस

एमएस/