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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दुर्गा पूजा के लिए पश्चिम बंगाल सरकार का बड़ा प्लान, सांस्कृतिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

कोलकाता, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में इस बार दूर्गा पूजा को भव्य रूप से सेलिब्रेट करने के लिए प्रदेश सरकार सोमवार को एक बड़ी बैठक करेगी। इस बैठक में इस साल दुर्गा पूजा के जश्न को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। त्योहार के दौरान कोलकाता में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्रोन शो और कॉन्सर्ट आयोजित करने की योजना है।
 

कोलकाता, 5 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में इस बार दूर्गा पूजा को भव्य रूप से सेलिब्रेट करने के लिए प्रदेश सरकार सोमवार को एक बड़ी बैठक करेगी। इस बैठक में इस साल दुर्गा पूजा के जश्न को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाने की तैयारियों पर चर्चा की जाएगी। त्योहार के दौरान कोलकाता में बड़े पैमाने पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, ड्रोन शो और कॉन्सर्ट आयोजित करने की योजना है।

राज्य सरकार के एक अधिकारी के अनुसार, इस दूर्गा पूजा में एक अभूतपूर्व नजारा देखने को मिलेगा। इन प्रस्तावित समारोहों का मकसद दुनियाभर के दर्शकों के सामने बंगाल की सांस्कृतिक विरासत को पेश करना और त्योहारों के मौसम में राज्य में अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों को आकर्षित करना है।

दूर्गा पूजा में ड्रोन शो एक अलग प्रकार की अनुभूति प्रदान करेंगे। विभिन्न कार्यक्रमों और समारोहों की जानकारी बैठक के बाद तय की जाएगी।

बंगाल पर्यटन विभाग दुनियाभर में रहने वाले बंगालियों को कोलकाता में होने वाले मुख्य दुर्गा पूजा समारोहों से जोड़ने के लिए एक खास पहल भी तैयार कर रहा है। इस कार्यक्रम का नाम 'दुनियाभर के बंगालियों की भावनाएं - दुर्गा पूजा ग्लोबल कनेक्ट 2026' रखा गया है।

सरकार को उम्मीद है कि इस पहल का इस्तेमाल कर वह पश्चिम बंगाल को एक प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन स्थल के तौर पर बढ़ावा दे पाएगी, क्योंकि यूनेस्को ने कोलकाता की दुर्गा पूजा को 'अमूर्त सांस्कृतिक विरासत' के तौर पर मान्यता दी है।

इस कार्यक्रम को लागू करने के लिए सरकार ने एक अनुभवी इवेंट मैनेजमेंट कंपनी चुनने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस प्रोजेक्ट के लिए पहले ही 'रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल' जारी किया जा चुका है।

सरकारी दस्तावेजों के अनुसार, समारोहों की शुरुआत 10 अक्टूबर को महालया के दिन ईडन गार्डन्स में आयोजित एक बड़े सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ होगी। इस कार्यक्रम में पारंपरिक 'महिषासुरमर्दिनी' की प्रस्तुति के साथ-साथ बंगाल की सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाने वाले लोक और शास्त्रीय प्रदर्शन भी शामिल होंगे।

शाम के समय मशहूर कलाकारों के साथ एक मेगा कॉन्सर्ट की भी योजना है। आयोजक दुर्गा पूजा से जुड़े पारंपरिक ढोल 'ढाक' के साथ विश्व रिकॉर्ड बनाने की कोशिश भी कर सकते हैं।

अष्टमी के दिन भी एक बड़ा कार्यक्रम होगा। पारंपरिक 'धुनाची' नृत्य के साथ-साथ राज्यभर की प्रमुख सरकारी इमारतों और वास्तुशिल्प के लिहाज से अहम जगहों को खास रोशनी से सजाने का प्रस्ताव है।

दिशानिर्देशों में साफ कहा गया है कि सरकारी इमारतों पर केवल आर्किटेक्चरल लाइटिंग की इजाजत होगी, जबकि खास अनुमति के बिना स्टेज नहीं बनाए जा सकेंगे।

इस योजना में किसी बड़े स्टेडियम या ऑडिटोरियम में चार घंटे का 'भव्य दुर्गा पूजा कॉन्सर्ट' भी शामिल है। उम्मीद है कि इस कार्यक्रम में ढाक और धुनाची नृत्य के साथ-साथ छऊ, बाउल, कीर्तन, रवींद्र संगीत और नेपाली सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी देखने को मिलेंगी।

इंटरनेशनल शोकेस के तहत बंगाली हैंडीक्राफ्ट, पारंपरिक खाना और कोलकाता की दुर्गा पूजा से जुड़े शानदार थीम वाले पंडालों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। इन प्रस्तावों पर सोमवार की बैठक में चर्चा होगी और सरकार की मंजूरी मिलने के बाद ही आगे बढ़ा जाएगा।

सरकार ने इस बात पर जोर दे रही है कि जश्न के बड़े पैमाने के कारण दुर्गा पूजा की धार्मिक पवित्रता या पारंपरिक बंगाली रीति-रिवाजों से कोई समझौता नहीं होना चाहिए। जरूरत पड़ने पर पुजारियों, धार्मिक रीति-रिवाजों के जानकारों और हेरिटेज विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी।

यह कार्यक्रम पर्यावरण के अनुकूल तरीके से आयोजित किया जाएगा, जिसमें सिंगल-यूज प्लास्टिक को खत्म करना, कचरे को अलग-अलग करना, डिजिटल निमंत्रण और ऊर्जा की बचत जैसे उपाय शामिल होंगे। सरकार भविष्य में इस पहल को एक सालाना इंटरनेशनल फेस्टिवल में बदलने पर विचार कर रही है।

राज्य सरकार के एक अधिकारी ने कहा कि इसका मकसद दुर्गा पूजा से जुड़ी परंपराओं और रीति-रिवाजों को बचाते हुए दुनिया के सामने बंगाल की संस्कृति को पेश करना है।

--आईएएनएस

डीकेएम/वीसी