बंगाल: भाजपा ने चार नेताओं को भेजा कारण बताओ नोटिस, ‘पार्टी विरोधी गतिविधियों’ का आरोप
कोलकाता, 20 मई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल भाजपा ने पुरुलिया जिले के एक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य अधिकारी के साथ कथित दुर्व्यवहार और हमले के मामले में अपने चार नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। पार्टी ने इस घटना को “शर्मनाक” बताते हुए आरोपित नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और फिलहाल उन्हें पार्टी कार्यों से दूर रहने का निर्देश दिया गया है।
जानकारी के मुताबिक, 12 मई को पुरुलिया जिले के बाघमुंडी ब्लॉक स्थित पाथरडी स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर ऑफ हेल्थ (बीएमओएच) के साथ भाजपा नेताओं द्वारा कथित रूप से दुर्व्यवहार किया गया था। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में विवाद खड़ा हो गया था।
आरोप है कि भाजपा नेताओं ने स्वास्थ्य अधिकारी से इस बात को लेकर सवाल-जवाब और दबाव बनाया कि बाघमुंडी की गर्भवती महिलाओं को दूसरे राज्य के अस्पताल में रेफर क्यों किया जा रहा है।
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद भाजपा के प्रदेश नेतृत्व ने मामले को गंभीरता से लिया और आखिरकार आरोपित नेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी करने का फैसला किया।
नोटिस पाने वालों में राकेश महतो शामिल हैं, जो पुरुलिया जिला परिषद के सदस्य और भाजपा के बाघमुंडी ब्लॉक इकाई के संयोजक हैं।
इसके अलावा बाघमुंडी ब्लॉक के सह-संयोजक विजयमोहन सिंह, मंडल-4 अध्यक्ष अरुण चंद्र माझी और युवा मोर्चा अध्यक्ष मिथुन कुमार को भी नोटिस जारी किया गया है।
पार्टी द्वारा जारी पत्र में स्वास्थ्य अधिकारियों को डराने-धमकाने, अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने, शारीरिक रूप से परेशान करने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने जैसे आरोप लगाए गए हैं। भाजपा ने इन गतिविधियों को पार्टी विरोधी करार दिया है।
भाजपा अनुशासन समिति की सिफारिश और प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य के निर्देश पर इन चारों नेताओं को फिलहाल पार्टी गतिविधियों में हिस्सा लेने से रोक दिया गया है। साथ ही उन्हें सात दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण देने को कहा गया है।
मामले पर भाजपा के पुरुलिया जिला अध्यक्ष शंकर महतो ने कहा, “प्रदेश नेतृत्व ने फैसला लिया है। मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। यह पूरी तरह पार्टी का आंतरिक मामला है।”
वहीं नोटिस पाने वाले चारों नेताओं ने इस मामले पर खुलकर टिप्पणी करने से इनकार किया। हालांकि राकेश महतो ने कहा कि वह स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति को लेकर स्वास्थ्य अधिकारी से बात करने गए थे। उन्होंने यह स्वीकार किया कि वहां तीखी बहस हुई थी, लेकिन किसी प्रकार के उत्पीड़न के आरोपों से इनकार किया।
--आईएएनएस
डीएससी
