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जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल शिफ्ट होने पर आप-वामपंथी बेचैन, बोले भाजपा प्रवक्ता

नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने रविवार को कहा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और कम्युनिस्ट दलों के नेता व्याकुल नजर आ रहे हैं।
 

नई दिल्ली, 19 जुलाई (आईएएनएस)। दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने रविवार को कहा कि सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल में स्थानांतरित किए जाने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) और कम्युनिस्ट दलों के नेता व्याकुल नजर आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि वांगचुक को दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देश पर अस्पताल में स्थानांतरित किया गया था, लेकिन आप और कम्युनिस्ट दल इसे एक ऐसे घटनाक्रम के रूप में देख रहे हैं जिससे युवाओं को भड़काने और गुमराह करने का उनका मौका छिन गया है।

दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता ने कहा कि शनिवार को वांगचुक को जंतर-मंतर से हटाए जाने के बाद से आप और कम्युनिस्ट दल दोनों ही बेहद निराश हैं, और उन्होंने मिलकर अपने लगभग 1,200 से 1,500 कार्यकर्ताओं के पूरे समूह को वहां तैनात किया था।

कपूर ने कहा कि अगर कोई जंतर-मंतर का दौरा करता है, तो उसे या तो जेएनयू छात्रावासों के 500 से 700 मध्यम आयु वर्ग के लोग मिलेंगे या 250 से 300 कम पढ़े-लिखे युवा दर्शक मिलेंगे, जिनमें से किसी का भी नीट या किसी अन्य प्रतियोगी परीक्षा से कोई लेना-देना नहीं है।

दिल्ली भाजपा के मीडिया प्रमुख और प्रवक्ता ने कहा कि शनिवार से जंतर-मंतर पर आम आदमी और कम्युनिस्ट पार्टी द्वारा प्रायोजित सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं द्वारा मुख्यधारा के मीडियाकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार करना उनके आंदोलन की विफलता से उपजे असंतोष का स्पष्ट प्रमाण है।

इससे पहले, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ​​ने कहा कि वांगचुक मामले में अंतरिम राहत की मांग के लिए सांसद कपिल सिबल और विवेक तन्खा सहित वरिष्ठ और उच्च शुल्क लेने वाले वकीलों का उच्च न्यायालय में पेश होना यह स्पष्ट करता है कि वह कोई साधारण कार्यकर्ता नहीं बल्कि पूरे विपक्ष का एक राजनीतिक मोहरा है।

दिल्ली भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि दिल्ली पुलिस द्वारा वांगचुक को जंतर-मंतर से अस्पताल ले जाना हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप था।

शायद इसी कारण से हाई कोर्ट ने वांगचुक की ओर से दायर याचिका पर कोई अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।

नीट परीक्षा के पेपर लीक के कथित विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए मल्होत्रा ​​ने कहा कि 28 जून को आम आदमी पार्टी, कम्युनिस्ट पार्टियों और कांग्रेस द्वारा प्रायोजित प्रदर्शन में वांगचुक भूख हड़ताल में शामिल हुए, जबकि नीट की पुनर्परीक्षा 21 जून को संतोषजनक ढंग से संपन्न हो चुकी थी।

--आईएएनएस

एमएस/