18वें सिविल सेवा दिवस पर उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन विज्ञान भवन में अधिकारियों को करेंगे संबोधित
नई दिल्ली, 21 अप्रैल (आईएएनएस)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन दिल्ली में मंगलवार को 18वें सिविल सेवा दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम में अधिकारियों को संबोधित करेंगे, जिसमें समावेशी विकास और नागरिक केंद्रित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय के प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (डीएआरपीजी) द्वारा विज्ञान भवन में आयोजित कार्यक्रम का विषय "विकसित भारतः अंतिम छोर तक नागरिक-केंद्रित शासन एवं विकास" होगा।
उद्घाटन सत्र में कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह का संबोधन और कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन का स्वागत भाषण शामिल होगा।
उद्घाटन सत्र के बाद 'सिविल सेवाओं की भूमिका और प्रभावशीलता - एक बाह्य परिप्रेक्ष्य' विषय पर एक पैनल चर्चा होगी, जिसमें सरकार, उद्योग और नीतिगत संस्थानों के प्रख्यात व्यक्तित्व शासन में जवाबदेही, नवाचार और सेवा वितरण को बढ़ाने पर विचार-विमर्श करने के लिए एक साथ आएंगे।
सिविल सेवा दिवस प्रतिवर्ष देशभर के सिविल सेवकों के लिए नागरिकों के हित के प्रति स्वयं को समर्पित करने और सार्वजनिक सेवा तथा अपने कार्य में उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को नवीनीकृत करने के अवसर के रूप में मनाया जाता है।
1947 में इसी दिन सरदार वल्लभभाई पटेल ने अखिल भारतीय प्रशासनिक सेवा के परिवीक्षाधीन अधिकारियों को संबोधित किया था, जिसमें उन्होंने सिविल सेवकों को भारत का इस्पात ढांचा बताया था।
इस आयोजन में होने वाले सत्रों में वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और हितधारक एक साथ आएंगे और नागरिक केंद्रित शासन को मजबूत करने और अंतिम छोर तक सेवा वितरण में सुधार लाने की दिशा में गहन चर्चा और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करेंगे।
एक बयान में कहा गया है कि 'पीएम विश्वकर्मा के माध्यम से सतत आजीविका' विषय पर सत्र की अध्यक्षता सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी करेंगे और 'भारत में गैर-संचारी रोगों का समाधानः रोकथाम से लेकर उपचार तक' विषय पर सत्र की अध्यक्षता स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा करेंगे।
--आईएएनएस
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