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अंबेडकर जयंती पर संसद परिसर में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने अर्पित की पुष्पांजलि

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य नेताओं ने संसद में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।
 
अंबेडकर जयंती पर संसद परिसर में उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन और पीएम मोदी ने अर्पित की पुष्पांजलि

नई दिल्ली, 14 अप्रैल (आईएएनएस)। भारत रत्न बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की जयंती पर मंगलवार को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे और कई अन्य नेताओं ने संसद में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल, राज्यसभा सदस्य रामदास अठावले और कांग्रेस नेता उदित राज सहित कई अन्य लोग भी 'संविधान के जनक' को श्रद्धांजलि देने के लिए संसद पहुंचे। इस दौरान, पीएम मोदी और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बीच हल्की-फुल्की बातचीत भी हुई।

इससे पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी बाबासाहेब अंबेडकर की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति मुर्मु गुजरात दौरे पर हैं। उन्होंने गांधीनगर स्थित लोकभवन में भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की।

राष्ट्रपति ने अपने संदेश में लिखा, "भारतीय संविधान के प्रमुख निर्माता, महान समाज सुधारक बाबासाहब डॉक्टर भीमराव आंबेडकर की जयन्ती के अवसर पर मैं उन्हें सादर नमन करती हूं। बाबासाहब अंबेडकर विधिवेत्ता, अर्थशास्त्री, प्रखर चिंतक, न्यायविद और समतामूलक समाज व्यवस्था के सशक्त प्रवक्ता थे। उन्होंने समाज के वंचित और कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए आजीवन संघर्ष किया और उनके हित में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने न केवल असमानताओं को दूर करने का मार्ग दिखाया, बल्कि भारत के लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों को सुदृढ़ करने में भी अग्रणी भूमिका निभाई।"

उन्होंने आगे लिखा, "बाबासाहब ने महिलाओं की शिक्षा और उनके अधिकारों को प्राथमिकता दी। उनका बहुआयामी योगदान भावी पीढ़ियों को देश की सेवा और विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करता रहेगा। आइए, इस अवसर पर हम बाबासाहब अंबेडकर के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संकल्प लें और एक न्यायपूर्ण, समावेशी व प्रगतिशील भारत के निर्माण में योगदान दें।"

पीएम मोदी ने बीआर अंबेडकर को श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को बेहद प्रेरणादायक और पीढ़ियों तक कायम रहने वाला बताया।

प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "बाबासाहेब अंबेडकर को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि। राष्ट्र निर्माण की दिशा में उनके प्रयास अत्यंत प्रेरणादायक हैं। उनका जीवन और कार्य एक न्यायपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।"

उन्होंने एक अन्य पोस्ट में लिखा, "बाबासाहेब अंबेडकर का व्यक्तित्व और कृतित्व राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरणापुंज बना रहेगा।" इसके साथ ही पीएम मोदी ने 'संस्कृत सुभाषितम्' भी शेयर किया, जिसमें लिखा, "अयं निजः परो वेति गणना लघुचेतसाम्। उदारचरितानां तु वसुधैव कुटुम्बकम्॥"

'संस्कृत सुभाषितम्' में कहा गया है, "उदार और विशाल हृदय वाले लोग संकीर्ण सोच से ऊपर उठकर समस्त संसार को अपना परिवार मानते हैं। उनके लिए कोई भी पराया नहीं होता, बल्कि प्रत्येक व्यक्ति अपना ही होता है और यही भावना प्रेम, एकता और सौहार्द का आधार बनती है।"

--आईएएनएस

डीसीएच/