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विनेश ने फेडरेशन कप के लिए चयन प्रक्रिया पर हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन पर निशाना साधा

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने हरियाणा कुश्ती संघ की चयन प्रक्रिया पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि फेडरेशन कप 2026 के लिए बनाए गए नियम बिल्कुल अनुचित हैं और इससे मेहनती पहलवानों के साथ अन्याय हो रहा है।
 
विनेश ने फेडरेशन कप के लिए चयन प्रक्रिया पर हरियाणा रेसलिंग एसोसिएशन पर निशाना साधा

नई दिल्ली, 5 फरवरी (आईएएनएस)। स्टार पहलवान विनेश फोगाट ने हरियाणा कुश्ती संघ की चयन प्रक्रिया पर कड़ी नाराज़गी जताई है। उनका कहना है कि फेडरेशन कप 2026 के लिए बनाए गए नियम बिल्कुल अनुचित हैं और इससे मेहनती पहलवानों के साथ अन्याय हो रहा है।

विनेश फोगाट ने सवाल उठाया कि ट्रायल का मौका केवल 2025 की सीनियर राज्य प्रतियोगिता के पदक विजेताओं और 2025 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में खेलने वालों को ही क्यों दिया जा रहा है। उन्होंने पूछा कि 2024 के राष्ट्रीय पदक विजेता अचानक अयोग्य कैसे हो गए। उन्होंने सवाल उठाया कि 2024 के नेशनल मेडलिस्ट और उम्र की पाबंदी के कारण सीनियर नेशनल 2025 में हिस्सा न ले पाने वाले खिलाड़ियों को क्यों बाहर किया जा रहा है।

उन्होंने एक्स पोस्ट में कहा, "फेडरेशन कप 2026 के लिए हरियाणा कुश्ती संघ की चयन शर्तें पूरी तरह अन्यायपूर्ण हैं। सिर्फ 2025 के सीनियर स्टेट मेडलिस्ट और 2025 में अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता खेलने वाले पहलवानों को ही ट्रायल में मौका देना, हजारों मेहनती पहलवानों के साथ धोखा है। क्या 2024 के नेशनल मेडलिस्ट अयोग्य हो गए? क्या सब जूनियर नेशनल में पदक जीतना अब बेकार हो गया? क्या चोटिल खिलाड़ी अपराधी बन गए?"

उन्होंने आगे कहा कि वे खिलाड़ी जो 2025 में आयु सीमा के कारण सीनियर नेशनल नहीं खेल सके, 2026 में पूरी तरह पात्र हैं। इस साल एशियन गेम्स और वर्ल्ड चैंपियनशिप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स होने हैं । ऐसी टूर्नामेंट्स में खेलना और देश के लिए पदक लाना हर खिलाड़ी का सपना होता है। परंतु इन नियमों की वजह से आप उन्हें अभी ही बाहर करके उनके भविष्य पर एक तरह से स्थायी रोक लगा रहे हो। यह केवल खेल के साथ अन्याय नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों के जीवन और संघर्ष के साथ खुला खिलवाड़ है। हमारे खिलाड़ी जो इतने साल तक मेहनत करते हैं वो कहां जायेंगे?

विनेश ने आरोप लगाया, "आज हालात ये हैं कि राज्य स्तर पर भी निष्पक्ष ट्रायल नहीं हो रहे हैं। ऐसे में देश के लिए नई प्रतिभा कैसे निकलेगी? निष्पक्ष चयन चाहिए तो ओपन ट्रायल होने चाहिए। प्रतिभा मैट पर पहचानी जाती है और एक खिलाड़ी को अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका ना देना उसके साथ बहुत बड़ा धोखा है।"

उन्होंने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और से अपील की कि सीएम को इस मामले में दखल देकर हरियाणा के खिलाड़ियों को इंसाफ दिलवाना चाहिए।

--आईएएनएस

एएस/