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टीवीके के अभियान में डाले जा रहे बाधा, जनता डीएमके को करेगी सीमित: विजय

चेन्नई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। अभिनेता से नेता बने विजय ने शनिवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) पर उनकी पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) के चुनावी अभियान में बाधा डालने का आरोप लगाया।
 
टीवीके के अभियान में डाले जा रहे बाधा, जनता डीएमके को करेगी सीमित: विजय

चेन्नई, 18 अप्रैल (आईएएनएस)। अभिनेता से नेता बने विजय ने शनिवार को सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) पर उनकी पार्टी तमिलगा वेट्ट्री कषगम (टीवीके) के चुनावी अभियान में बाधा डालने का आरोप लगाया।

विजय ने कहा कि सार्वजनिक सभाओं और जनसंपर्क कार्यक्रमों की अनुमति जानबूझकर देर से दी जा रही है, सीमित की जा रही है या आखिरी समय पर रद्द की जा रही है। इससे न केवल उनका, बल्कि विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में टीवीके उम्मीदवारों का कार्यक्रम भी प्रभावित हो रहा है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब खबरें हैं कि कड्डालोर में प्रस्तावित एक चुनावी कार्यक्रम रद्द करना पड़ा, जबकि पेरंबूर में डोर-टू-डोर अभियान को भी अनुमति न मिलने के कारण स्थगित करना पड़ा।

विजय ने कहा कि यह सब उनकी पार्टी के बढ़ते जनसमर्थन को रोकने की कोशिश है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे चुनाव के दौरान हो रहे घटनाक्रमों को समझदारी से परखें और सतर्क रहें।

डीएमके सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में “बिना नियंत्रण का कुशासन और भ्रष्टाचार” चल रहा है, साथ ही जनता को गुमराह करने के लिए “असीमित झूठे वादे” किए जा रहे हैं।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि डीएमके अब “लिमिटेड कंपनी” बन गई है और आगामी विधानसभा चुनाव में जनता उन्हें “सीमित करके घर भेज देगी।"

विजय ने मीडिया के कुछ वर्गों पर भी आरोप लगाया कि वे उनकी पार्टी के कार्यक्रमों की अनुमति को लेकर “भ्रामक और मनगढ़ंत खबरें” चला रहे हैं, जिससे टीवीके की छवि और पहुंच को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने ई.वी. रामासामी, के. कामराज और सी.एन. अन्नादुरै जैसे समाज सुधारकों की विरासत का हवाला देते हुए कहा कि तमिलनाडु की सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता की परंपरा “फासीवादी और जनविरोधी ताकतों” को आगे नहीं बढ़ने देगी।

इन आरोपों के बावजूद विजय ने भरोसा जताया कि राज्यभर में टीवीके के पक्ष में एक स्वाभाविक जनलहर बन रही है और उनकी पार्टी सभी चुनौतियों को पार कर चुनाव जीतकर “इतिहास रचेगी।”

जैसे-जैसे चुनाव प्रचार निर्णायक दौर में पहुंच रहा है, विजय के इस बयान को राज्य की राजनीति में बढ़ती तीखी बयानबाजी और नए राजनीतिक समीकरणों के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी