सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मामले में सोमवार को दर्ज होगी एफआईआर: केरल के गृह मंत्री
इडुक्की, 10 अक्टूबर (आईएएनएस)। केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने शनिवार को कहा कि विपक्ष के नेता पिनाराई विजयन, पूर्व मंत्री और उनके दामाद पी.ए. मोहम्मद रियास, बेटी टी. वीना तथा अन्य लोगों से जुड़े सीएमआरएल-एक्सालॉजिक मासिक भुगतान मामले में सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) सोमवार को एफआईआर दर्ज करेगा।
चेन्निथला ने कहा कि राज्य सरकार इस मामले में कानूनी कार्रवाई करेगी और केरल उच्च न्यायालय के आदेश के खिलाफ अपील करने की कोई आवश्यकता नहीं है। शुक्रवार को केरल हाई कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों के आधार पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच करने का निर्देश दिया था। अदालत ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (वीएसीबी) को केस दर्ज कर आरोपों की जांच करने के आदेश दिए थे।
उच्च न्यायालय ने प्रारंभिक जांच के लिए गठित अपराध शाखा की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को भी रद्द कर दिया। अदालत ने निर्देश दिया कि ईडी द्वारा पुलिस महानिदेशक रावाडा आजाद चंद्रशेखर को सौंपे गए सभी दस्तावेज और डिजिटल साक्ष्य, साथ ही एसआईटी द्वारा एकत्रित सामग्री बिना किसी देरी के सतर्कता विभाग को हस्तांतरित कर दी जाए।
ईडी का आरोप है कि सीएमआरएल ने 2017-19 के दौरान वीना की कंपनी एक्सालॉजिक को 3.28 करोड़ रुपए का भुगतान किया, जिसके बदले में उसे कोई सेवा प्राप्त नहीं हुई।
ईडी के निष्कर्ष और रिकॉर्ड पुलिस को उपलब्ध कराए जाएंगे, हालांकि सतर्कता विभाग को अपनी स्वयं की जांच करनी होगी और यह साबित करने के लिए सबूत जुटाने होंगे कि क्या भुगतान रिश्वतखोरी की श्रेणी में आते हैं और क्या आरोपी किसी अपराध में शामिल थे। केवल एफआईआर दर्ज होने से ही अपराध साबित नहीं हो जाता। आरोपों को जांच और उसके बाद की कानूनी कार्यवाही के माध्यम से सिद्ध करना होगा।
हालांकि सतर्कता विभाग आमतौर पर ऐसे मामलों में तत्काल गिरफ्तारी नहीं करता है, लेकिन जांच की दिशा जुटाए गए सबूतों पर निर्भर करेगी। ईडी द्वारा आगे की कार्रवाई का अभी पता नहीं चल पाया है। कानूनी आवश्यकताओं को पूरा किए जाने पर एजेंसी धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत अलग से कार्यवाही शुरू कर सकती है।
पिनाराई विजयन और अन्य संबंधित पक्षों द्वारा उच्च न्यायालय के एकल न्यायाधीश के आदेश को खंडपीठ के समक्ष चुनौती देने की संभावना है। वे जांच पर रोक लगाने या न्यायालय से आदेश को रद्द करने का अनुरोध कर सकते हैं। हालांकि ईडी की दलीलें और उच्च न्यायालय के निष्कर्ष आगामी कानूनी लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
सतर्कता जांच और ईडी द्वारा संभावित समानांतर कार्यवाही से लंबे समय से चल रहे मासिक भुगतान विवाद के राजनीतिक और कानूनी परिणाम और भी गंभीर हो सकते हैं।
केरल विधानसभा पर कड़ी नजर रखी जाएगी, क्योंकि सोमवार से नौ दिनों का नया सत्र शुरू हो रहा है। यह मुद्दा सदन में निश्चित रूप से गूंजेगा, खासकर तब जब वामपंथी विपक्ष वीडी सतीशान सरकार को चुनौती देगा।
--आईएएनएस
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