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बिहार: बेतिया में एक डेटा एंट्री ऑपरेटर 15,000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

पटना, 16 जून (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार विरोधी एक बड़े अभियान में बिहार के सतर्कता जांच ब्यूरो ने मंगलवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित सर्किल कार्यालय में एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
 
बिहार: बेतिया में एक डेटा एंट्री ऑपरेटर 15,000 रुपए की रिश्वत लेते गिरफ्तार

पटना, 16 जून (आईएएनएस)। भ्रष्टाचार विरोधी एक बड़े अभियान में बिहार के सतर्कता जांच ब्यूरो ने मंगलवार को पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित सर्किल कार्यालय में एक डेटा एंट्री ऑपरेटर को 15,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।

इस कार्रवाई से सरकारी कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई और दिन भर कर्मचारियों के बीच इस पर चर्चा होती रही।

एक अधिकारी के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर जिले के मुफस्सिल पुलिस थाना क्षेत्र के बरवत प्रसारेन निवासी बालेश्वर महतो से संबंधित निष्क्रिय जमाबंदी (भूमि अभिलेख) को पुनः सक्रिय करने के संबंध में 15,000 रुपए की मांग की थी।

रिश्वत की इस कथित मांग से परेशान होकर शिकायतकर्ता ने सतर्कता अधिकारियों से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

जांच का जिम्मा जांच अधिकारी राहुल कुमार को सौंपा गया था, जिन्होंने प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि की।

शिकायत सही पाए जाने पर, सतर्कता दल ने आरोपी को पैसे लेते हुए रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाकर कार्रवाई की योजना बनाई।

अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार को जैसे ही शिकायतकर्ता ने सर्कल कार्यालय परिसर के अंदर आरोपी को 15,000 रुपए सौंपे, सतर्कता दल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तारी के बाद, सतर्कता दल ने कार्यालय में उपलब्ध दस्तावेजों की भी जांच की। अचानक हुई इस छापेमारी से सर्कल कार्यालय परिसर में दहशत और अफरा-तफरी मच गई।

इस अभियान का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक रैंक के अधिकारी श्याम बाबू प्रसाद श्रीवास्तव ने किया। छापेमारी में शामिल अन्य सरकारी अधिकारियों में देवीलाल श्रीवास्तव, आशीष चौबे, दिग्विजय सिंह, कृष्ण जीवन कुमार श्रीवास्तव, राहुल कुमार, कृष्ण सिंह, वसीम अहमद और हिमांशु सिंह के साथ-साथ सशस्त्र पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

सतर्कता अधिकारियों के अनुसार, आरोपी प्रमोद मिश्रा का पुत्र है और चनपटिया थाना क्षेत्र के पाकदहार गांव का निवासी है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ और कानूनी औपचारिकताओं के बाद आरोपी को सतर्कता न्यायालय में पेश किया जाएगा।

इस कार्रवाई को सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार पर एक महत्वपूर्ण प्रहार के रूप में देखा जा रहा है और इसने बिहार में सार्वजनिक प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही पर एक बार फिर बहस छेड़ दी है।

--आईएएनएस

एमएस/