बिहार : रोहतास में 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते बीसीओ गिरफ्तार
पटना, 24 अप्रैल (आईएएनएस)। बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई में, विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो ने शुक्रवार को रोहतास जिले के राजपुर ब्लॉक में एक ब्लॉक कोऑपरेटिव ऑफिसर (बीसीओ) को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि आरोपी जनार्दन कुमार को ठीक उसी समय पकड़ा गया, जब वह अवैध भुगतान ले रहा था।
विजिलेंस के एक अधिकारी के अनुसार, बीसीओ ने कथित तौर पर राजपुर के पैक मैनेजर प्रशांत कुमार से धान खरीद के सत्यापन के बदले 10 हजार रुपए की मांग की थी।
इस मांग से परेशान होकर, मैनेजर ने पटना में विजिलेंस विभाग में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत की पुष्टि करने के बाद, विजिलेंस की विशेष टीम ने जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने रिश्वत की रकम सौंपी, टीम ने उस अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो की इस कार्रवाई से जिले के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
गिरफ्तारी के बाद, विजिलेंस टीम ने आरोपी अधिकारी के सासाराम स्थित आवास की तलाशी ली और उसकी संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की जांच की।
विजिलेंस इंस्पेक्टर अखिलेश कुमार ने बताया कि धान खरीद के सत्यापन जैसे नियमित सरकारी कामों के लिए पैसे की मांग करना अवैध है, जिसके चलते यह जाल बिछाने का अभियान चलाया गया।
आरोपी को पटना ले जाया जा रहा है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उसे एक विशेष विजिलेंस अदालत में पेश किया जाएगा।
इससे पहले, 22 अप्रैल को, विजिलेंस इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (वीआईबी) की एक टीम ने अचानक छापा मारा और एक सरकारी क्लर्क को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा था। गिरफ्तार क्लर्क की पहचान साकेत कुमार के रूप में हुई थी। वह मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अंचल कार्यालय में तैनात था।
उसके साथ-साथ, विजिलेंस टीम ने एक बिचौलिए, परमानंद झा को भी गिरफ्तार किया, जो धकजरी गांव का रहने वाला है। एक अधिकारी के अनुसार, साकेत कुमार ने कथित तौर पर परजुआर पंचायत के अंतर्गत आने वाले दहिला गांव के निवासी रविंद्र यादव से अतिक्रमण हटवाने में मदद करने के बदले 30 हजार रुपए की मांग की थी।
--आईएएनएस
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