Aapka Rajasthan

सीईसी ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग, चुनाव आयोग विवाद पर इंडिया ब्लॉक की बैठक में होगी चर्चा

तिरुवनंतपुरम, 25 सितंबर (आईएएनएस)। एआईसीसी महासचिव और संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।
 

तिरुवनंतपुरम, 25 सितंबर (आईएएनएस)। एआईसीसी महासचिव और संगठन सचिव केसी वेणुगोपाल ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की गिरफ्तारी की मांग की।

वेणुगोपाल ने कहा कि इस मुद्दे पर अगले सप्ताह होने वाली कांग्रेस कार्य समिति की बैठक में चर्चा की जाएगी।

उन्होंने यह भी कहा कि चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रमों पर चर्चा के लिए इंडिया ब्लॉक की बैठक भी आयोजित की जाएगी।

ये टिप्पणियां मीडिया रिपोर्टों के मद्देनजर आई हैं, जिनमें कहा गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों और प्रक्रियाओं पर आंतरिक रूप से आपत्ति जताई थी।

तीन सदस्यीय चुनाव आयोग की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त करते हैं। वरिष्ठतम सदस्य होने के नाते उनसे यथासंभव सर्वसम्मति से निर्णय लिए जाने की उम्मीद की जाती है।

तिरुवनंतपुरम में, कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को लोक भवन की ओर मार्च किया और ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की।

यह विरोध प्रदर्शन चुनाव आयोग के कामकाज के खिलाफ कांग्रेस के अभियान का हिस्सा था, जिसमें पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, क्योंकि पार्टी का मानना ​​था कि उन्होंने चुनाव आयोग के सिद्धांतों का गंभीर उल्लंघन किया है।

यह विवाद मुख्य रूप से मतदाता सूची संशोधन प्रक्रिया विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) के दौरान आयोग के कामकाज पर केंद्रित रहा है।

सीपीआई (एम) नेता और केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने भी ज्ञानेश कुमार पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार संस्था, चुनाव आयोग की विश्वसनीयता को गंभीर रूप से कम आंका जा रहा है।

विजयन ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अन्य दो चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज की गई कानूनी राय को नजरअंदाज किया और आयोग के सामूहिक कामकाज को कमजोर किया।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि एसआईआर और विशेष संक्षिप्त संशोधन जैसे मतदाता सूची संशोधन अभ्यासों में अपारदर्शी निर्णय थोपे जा रहे हैं और कुमार को तत्काल हटाने की मांग की।

विजयन ने मतदाता सूची में संशोधन की प्रक्रिया रोकने और मतदाता सूची से कथित तौर पर अनुचित रूप से बाहर किए गए लोगों के मतदान अधिकार बहाल करने का आह्वान किया।

उन्होंने लोकतांत्रिक ताकतों से 26 सितंबर से 2 अक्टूबर तक निर्धारित राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने का आग्रह किया और इन्हें संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एक अभियान बताया।

--आईएएनएस

एमएस/