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आईआईटी खड़गपुर-आईआरआईएमईई के बीच समझौता, वंदे भारत स्टाफ को मिलेगा उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण

कोलकाता, 25 सितंबर (आईएएनएस)। वंदे भारत रेलगाड़ियों के परिचालन कर्मचारी जल्द ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में उन्नत प्रशिक्षण शुरू करेंगे।
 

कोलकाता, 25 सितंबर (आईएएनएस)। वंदे भारत रेलगाड़ियों के परिचालन कर्मचारी जल्द ही भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर में उन्नत प्रशिक्षण शुरू करेंगे।

संस्थान ने उन्नत रोलिंग स्टॉक प्रौद्योगिकियों में तकनीकी क्षमता को मजबूत करने के लिए भारतीय रेलवे यांत्रिक एवं विद्युत अभियांत्रिकी संस्थान (आईआरआईएमईई), जमालपुर के साथ पांच वर्षीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं।

आईआईटी खड़गपुर के रेलवे अनुसंधान केंद्र (सीआरआर) द्वारा समन्वित इस साझेदारी के तहत भारतीय रेलवे (आईआर) के अधिकारियों को अर्ध-उच्च गति ट्रेनों पर विशेष आवासीय प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण मॉड्यूल में उन्नत कर्षण एवं प्रणोदन प्रणाली, विद्युत सुरक्षा, ट्रेन नियंत्रण एवं प्रबंधन प्रणाली (टीसीएमएस), रोलिंग स्टॉक निदान, स्थिति निगरानी, ​​विश्वसनीयता अभियांत्रिकी और पुनर्योजी ब्रेकिंग शामिल होंगे।

संस्‍थान ने बताया, “आईआईटी खड़गपुर की डीन ऑफ आउटरीच, प्रोफेसर स्वगता दासगुप्ता और आईआरआईएमई के डीन, प्रेम प्रकाश ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए। प्रोफेसर विक्रांत राचेरला (आईआईटी खड़गपुर) और सिद्धार्थ शंकर (आईआरआईएमई) नोडल अधिकारी के रूप में कार्यरत रहे।”

संस्थान ने आगे कहा कि इस पहल में कक्षा शिक्षण, प्रयोगशाला प्रयोग, व्यावहारिक अनुभव और क्षेत्र भ्रमण को शामिल किया जाएगा ताकि सुरक्षित, स्मार्ट, अधिक विश्वसनीय और तेजी से स्वदेशी रेलवे प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा दिया जा सके।

आईआर वर्तमान में विभिन्न मार्गों पर 79 वंदे भारत ट्रेनें चला रहा है और निकट भविष्य में और अधिक ट्रेनें शुरू करने की योजना है। रेलवे हावड़ा और कामाख्या (असम) के बीच एक वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी चलाता है। जैसे-जैसे और स्लीपर ट्रेनें बनेंगी, उनके संचालन और रखरखाव के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों की आवश्यकता होगी।

अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन में तैनात कर्मचारियों को उन्नत प्रणालियों में आने वाली समस्याओं की पहचान करने और उन्हें ठीक करने की विशेषज्ञता और क्षमता की आवश्यकता होगी, विशेष रूप से लंबी दूरी की स्लीपर ट्रेनों के लिए। भारतीय रेलवे (आईआर) की 260 वंदे भारत स्लीपर ट्रेनसेट खरीदने की योजना है, जिनमें से 60 का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अलावा, वंदे भारत मालगाड़ी के एक प्रोटोटाइप का परीक्षण भी चल रहा है।

सामान्य रेकों के विपरीत, जिनमें लोकोमोटिव की आवश्यकता होती है, वंदे भारत ट्रेनसेट में कई डिब्बे होते हैं जिनमें इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन मोटर लगी होती हैं। प्रत्येक डिब्बा स्वयं और दो अन्य डिब्बों को बिना मोटर के चला सकता है, जिसके परिणामस्वरूप एक जटिल संरचना बनती है। इन ट्रेनों में अत्याधुनिक नियंत्रण तकनीक का भी उपयोग किया जाता है, जिससे ऑपरेटरों के लिए उन्नत प्रशिक्षण अनिवार्य हो जाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी