पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के महाभियोग का विरोध करने वाले पादरी से मिला अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल
सोल, 8 जून (आईएएनएस)। हाल ही में अमेरिका के विदेश विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दक्षिण कोरिया के एक पादरी से मुलाकात की। यह वही पादरी हैं जिन्होंने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के महाभियोग के खिलाफ रैलियों का नेतृत्व किया था। यून सुक योल फिलहाल जेल में हैं। उन पर दिसंबर 2024 में असफल मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश का आरोप है।
सोमवार को सेगेरो चर्च के अनुसार, लोकतंत्र, मानवाधिकार और श्रम मामलों के लिए अमेरिकी विदेश विभाग के सहायक सचिव राइली बार्न्स, कार्यवाहक उप सहायक सचिव जूली टर्नर और व्हाइट हाउस की फेथ लाइजन बेल्सिस रोमेरो ने रविवार को बुसान में चर्च का दौरा किया। बुसान, सियोल से लगभग 330 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित है। वहां उन्होंने चर्च के वरिष्ठ पादरी सोन ह्यून-बो से मुलाकात की।
योनहाप समाचार एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, चर्च ने बताया कि यह मुलाकात अमेरिकी पक्ष की पहल पर हुई थी। करीब एक महीने पहले उन्होंने संपर्क किया था। दोनों पक्षों के बीच दक्षिण कोरिया से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
चर्च के अनुसार, बातचीत में धार्मिक संस्थाओं को भंग करने से जुड़े प्रस्तावित कानून, व्यापक भेदभाव-विरोधी कानून पर चल रही चर्चाएं और अन्य कई विषय शामिल थे।
पादरी सोन 'सेव कोरिया' नामक एक रूढ़िवादी ईसाई नागरिक संगठन का भी नेतृत्व करते हैं। इस संगठन ने दिसंबर 2024 में यून सुक योल की असफल मार्शल लॉ घोषणा के बाद उनके महाभियोग के विरोध में कई रैलियां आयोजित की थीं।
पादरी सोन पर पिछले साल के राष्ट्रपति चुनाव के दौरान अवैध चुनाव प्रचार करने का आरोप लगा था। इस साल उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई गई, हालांकि यह सजा एक साल के लिए निलंबित (सस्पेंड) कर दी गई।
इस बीच, अधिकारियों ने रविवार को बताया कि इस सप्ताह एक अदालत पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल के खिलाफ दर्ज मामले में फैसला सुनाने वाली है। उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मार्शल लॉ लागू करने का बहाना बनाने के लिए प्योंगयांग में ड्रोन भेजने का आदेश दिया था।
न्यायिक अधिकारियों के अनुसार, सियोल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई करेगा। यून पर दुश्मन को लाभ पहुंचाने और अधिकारों के दुरुपयोग सहित कई आरोप लगाए गए हैं।
आरोप है कि यून ने अक्टूबर 2024 में दक्षिण कोरियाई सेना को प्योंगयांग के ऊपर ड्रोन उड़ाने का आदेश दिया था, ताकि तीन दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने के लिए माहौल बनाया जा सके।
विशेष वकील (स्पेशल काउंसल) चो यून-सुक की टीम ने इससे पहले यून के लिए 30 साल की जेल की सजा की मांग की थी।
--आईएएनएस
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