रूस की लैब में प्लेग के संदिग्ध मामले पर अमेरिका सतर्क, अंदरूनी तौर पर फैलने का डर: मार्को रुबियो
वॉशिंगटन, 6 अक्टूबर (आईएएनएस)। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने प्लेग का संदिग्ध मामले को चिंंता जताई। मामला रूस की एक लैब का है। पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि रूस की एक लैब के कर्मचारी में प्लेग का संदिग्ध मामला सामने आने के बाद अमेरिका हालात पर करीबी नजर रख रहा है। संक्रमण लैब के अंदर दूसरे लोगों तक भी फैल सकता है।
रुबियो ने कहा कि अमेरिका के पास इस घटना के बारे में फिलहाल उतनी ही जानकारी है, जितनी रूस के अधिकारियों ने दी है। हालांकि, किसी संक्रामक बीमारी के एक जगह से दूसरी जगह फैलने के खतरे को देखते हुए अमेरिकी अधिकारी स्थिति पर नजर रख रहे हैं।
यूरोप दौरे पर रवाना होने से पहले जॉइंट बेस एंड्रयूज में पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा, "हमें वही जानकारी है जो रूस ने दी है। ऐसा लगता है कि लैब का एक कर्मचारी संक्रमित हुआ है और चिंता है कि संक्रमण कम से कम लैब के अंदर दूसरे लोगों तक फैल सकता है। इसी वजह से वहां इस तरह की क्वारंटीन की व्यवस्था भी की गई है।
रुबियो ने कहा कि रूस और अमेरिका के बीच लोगों की आवाजाही काफी कम है। इसके बावजूद अमेरिका इस मामले को गंभीरता से ले रहा है क्योंकि संक्रमण के बड़े स्तर पर फैलने की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
रुबियो ने आगे कहा, "इसलिए हम हालात पर करीबी नजर रख रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि अभी घबराने की कोई वजह है, लेकिन इस पर ध्यान देना और नजर बनाए रखना जरूरी है और हम यही कर रहे हैं।"
हालांकि रुबियो ने यह नहीं बताया कि मामला रूस की किस लैब में सामने आया है, लैब कहां स्थित है या प्लेग का कौन सा प्रकार सामने आया है। उन्होंने यह भी नहीं बताया कि अमेरिकी अधिकारियों ने अपने स्तर पर संक्रमण की पुष्टि की है या नहीं।
उनकी बातों से संकेत मिला कि अमेरिका के पास मौजूद जानकारी रूस की तरफ से ही दी गई है।
रुबियो ने पत्रकारों के साथ बातचीत के दौरान रूस-यूक्रेन युद्ध, यमन, सऊदी अरब, ब्रिटेन में अमेरिकी सैन्य तैनाती और अमेरिकी सरकार की लंबे समय की राष्ट्रीय सुरक्षा योजना समेत कई दूसरे मुद्दों पर भी बात की।
रूस की ओर से यूक्रेन की राजधानी कीव में मौजूद विदेशी राजनयिकों को शहर छोड़ने की सलाह दिए जाने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि मॉस्को पिछले कई महीनों से ऐसी चेतावनियां देता रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका का दूतावास कीव में काम कर रहा है और वहां के सुरक्षा हालात को लेकर अमेरिका खुद अपना आकलन करेगा।
रुबियो ने कहा, "हम हर दिन दुनिया भर में अपने सभी राजनयिक मिशनों की सुरक्षा का आकलन करते हैं। अगर हमें ऐसा कोई खतरा दिखता है, जिसके चलते अपनी स्थिति में बदलाव करने की जरूरत हो, तो हम ऐसा करेंगे।" उन्होंने कहा कि अभी तक हमने वहां ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है।
रुबियो से पिछले हफ्ते मिली एक धमकी के बाद ब्रिटेन के आरएएफ फेयरफोर्ड से अमेरिकी बमवर्षक विमानों को दूसरी जगह भेजे जाने के बारे में भी सवाल किया गया।
उन्होंने कहा कि विमानों की आवाजाही को सीधे उस धमकी से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए, क्योंकि अमेरिकी सेना अपने सैन्य संसाधनों और जवानों की तैनाती में नियमित रूप से बदलाव करती रहती है। रुबियो ने कहा कि रक्षा विभाग लगातार अपने संसाधनों को जरूरत के हिसाब से अलग-अलग जगहों पर तैनात करता रहता है।
--आईएएनएस
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