अमेरिका में बर्थराइट सिटिजनशिप पर बहस, रिपब्लिकन ने की सीमाएं लगाने की मांग
वॉशिंगटन, 10 सितंबर (आईएएनएस)। अमेरिका में अस्थायी वीजा पर रहने वाले लोगों के यहां पैदा हुए बच्चों की नागरिकता के अधिकार एक बार फिर बहस का विषय बन गए हैं। रिपब्लिकन सांसद इन अधिकारों पर कुछ सीमाएं लगाने की वकालत कर रहे हैं जबकि डेमोक्रेट्स का कहना है कि अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के तहत जन्म लेते ही नागरिकता का अधिकार मिलता है।
बर्थराइट सिटिजनशिप पर हुई प्रतिनिधि सभा की न्यायपालिका उपसमिति की सुनवाई के दौरान रिपब्लिकन नेताओं ने कांग्रेस से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की मांग की। वहीं डेमोक्रेट्स का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट पहले ही इस संवैधानिक सवाल पर अपना रुख स्पष्ट कर चुका है।
उपसमिति के रिपब्लिकन अध्यक्ष चिप रॉय ने कहा कि कांग्रेस को संशोधन में इस्तेमाल किए गए वाक्यांश 'उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन' की स्पष्ट परिभाषा तय करनी चाहिए।
रॉय ने कहा, "कांग्रेस की जिम्मेदारी है कि वह 'उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन' का मतलब स्पष्ट करे, जन्म के लिए अमेरिका आने की प्रवृत्ति को रोके और अमेरिकी नागरिक होने के मायने की गरिमा को बनाए रखे।"
रॉय का तर्क था कि संशोधन का उद्देश्य यह नहीं था कि अवैध रूप से रह रहे प्रवासियों या अस्थायी रूप से देश में आए लोगों के बच्चों को अपने आप अमेरिकी नागरिकता मिल जाए। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने 1898 के 'वोंग किम आर्क' मामले के फैसले पर गलत तरीके से भरोसा किया।
उनके अनुसार, वह मामला ऐसे प्रवासियों के अमेरिका में जन्मे बच्चे से जुड़ा था, जो कानूनी रूप से और स्थायी रूप से अमेरिका में रह रहे थे।
इमिग्रेशन अकाउंटेबिलिटी प्रोजेक्ट की सह-संस्थापक और नीति निदेशक रोजमेरी जेन्क्स ने समिति को बताया कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला कांग्रेस को कार्रवाई करने से नहीं रोकता।
उन्होंने कहा, "बारबरा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक कार्यकारी आदेश को रद्द किया था। इससे कांग्रेस की आव्रजन और नागरिकता से जुड़े मामलों पर संवैधानिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाते।"
जेन्क्स ने कांग्रेस से आग्रह किया कि वह 'इमिग्रेशन एंड नेशनलिटी एक्ट' में संशोधन कर अवैध प्रवासियों और अस्थायी निवासियों के यहां जन्मे बच्चों के लिए कुछ अपवाद तय करे।
उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे अस्थायी वीजा धारकों के लिए नियम बनाए जाएं जो अपने अमेरिका में जन्मे बच्चों की ओर से सरकारी सहायता या कल्याणकारी लाभ लेना चाहते हैं। उनके अनुसार, ऐसे माता-पिता को किसी अमेरिकी नागरिक या कानूनी स्थायी निवासी को नामित करना चाहिए, जो बच्चे के लिए ये लाभ प्राप्त करे।
जेन्क्स ने कहा, "अमेरिकी नागरिकता एक बेहद मूल्यवान अधिकार है। हमारी सरकार को इसकी पूरी तरह रक्षा करनी चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि नागरिकता केवल उन्हीं विदेशियों को दी जाए जिन्हें हमने कानूनी रूप से अमेरिकी समाज का स्थायी हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है।"
कंसास के अटॉर्नी जनरल क्रिस कोबैक ने भी कहा कि कांग्रेस के पास इस मुद्दे पर कानून बनाने का अधिकार अब भी मौजूद है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने एक व्यापक कार्यकारी आदेश के खिलाफ फैसला दिया था, लेकिन उसने इस विषय पर बनने वाले हर संभावित कानून को असंवैधानिक नहीं बताया है।
कोबाच का कहना था कि यदि जन्म के उद्देश्य से अमेरिका आने (बर्थ टूरिज्म) से जुड़े मामलों पर कोई सीमित और विशेष कानून बनाया जाए, तो अदालत में उसका परिणाम अलग हो सकता है।
डेमोक्रेट सांसदों ने इन दलीलों का कड़ा विरोध किया। उपसमिति की वरिष्ठ डेमोक्रेट सदस्य मैरी गे स्कैनलोन ने कहा कि अमेरिका में जन्मे वे बच्चे, जिनके माता-पिता अवैध प्रवासी हैं या वीजा पर रह रहे हैं, 14वें संशोधन के तहत संरक्षण प्राप्त करते हैं।
स्कैनलोन ने कहा, "अवैध प्रवासियों के अमेरिकी बच्चे और वीजा धारकों के अमेरिकी बच्चे, दोनों ही ऐसे व्यक्ति हैं जिनका जन्म अमेरिका में हुआ है।"
उन्होंने कहा कि जन्म के समय से ही वे अमेरिकी कानून के अधीन होते हैं और उन्हें 'उस पारस्परिक संबंध से जुड़े अधिकारों, जिम्मेदारियों और सुरक्षा का स्पष्ट संवैधानिक दावा प्राप्त है।'
--आईएएनएस
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