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यूपी सरकार का बड़ा कदम, बीएसबी से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया तेज

लखनऊ, 23 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाते हुए, भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। इसके लिए यूडीआईएसई+ (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) कोड आवंटित किए जा रहे हैं और स्कूलों की श्रेणियों को अपग्रेड किया जा रहा है।
 
यूपी सरकार का बड़ा कदम,  बीएसबी से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया तेज

लखनऊ, 23 जून (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य की शिक्षा प्रणाली के आधुनिकीकरण को आगे बढ़ाते हुए, भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) से जुड़े स्कूलों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली में शामिल करने की प्रक्रिया में तेजी ला रही है। इसके लिए यूडीआईएसई+ (शिक्षा के लिए एकीकृत जिला सूचना प्रणाली) कोड आवंटित किए जा रहे हैं और स्कूलों की श्रेणियों को अपग्रेड किया जा रहा है।

इस कदम का मकसद छात्रों के एकेडमिक रिकॉर्ड को राष्ट्रीय शिक्षा प्रणाली से जोड़ना है, जिससे यह सिस्टम ज्यादा जवाबदेह और छात्र-केंद्रित बन सके।

इस प्रोग्राम को संभालने वाले अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे तय समयसीमा के भीतर आवेदन, वेरिफिकेशन और सिफारिश की प्रक्रिया पूरी करें।

योग गुरु रामदेव द्वारा 2019 में स्थापित और 2023 में शिक्षा मंत्रालय द्वारा मंजूर किए गए भारतीय शिक्षा बोर्ड (बीएसबी) को सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) और इंडियन काउंसिल ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन (आईसीएसई) जैसे अन्य राष्ट्रीय स्कूल बोर्डों की तर्ज पर पूरे भारत के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड के तौर पर मान्यता दी गई है।

इसी को लेकर एक अधिकारी ने बताया कि बीएसबी, हरिद्वार से जुड़े स्कूलों के लिए यूडीआईएसई+ कोड आवंटित करने और स्कूल कैटेगरी को अपग्रेड करने की प्रक्रिया अब आगे बढ़ाई गई है। इसी संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सभी संबंधित प्रक्रियाओं को समय पर पूरा करना सुनिश्चित करें।

उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार, जो शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल गवर्नेंस और डेटा मैनेजमेंट पर बहुत ज्यादा जोर दे रही है, शिक्षा प्रणाली को सुव्यवस्थित करके एक निर्णायक प्रभाव डालने की उम्मीद कर रही है। उन्होंने कहा कि यूडीआईएसई+ के विस्तार से शिक्षा प्रशासन ज्यादा प्रभावी, पारदर्शी और जवाबदेह बनेगा।

बीएसबी से जुड़े स्कूलों को इस ढांचे के तहत लाने से छात्रों के एकेडमिक भविष्य को सुरक्षित करने, रिकॉर्ड मैनेजमेंट को बेहतर बनाने और शिक्षा प्रणाली को और सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

स्कूल शिक्षा महानिदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, भारतीय शिक्षा बोर्ड से जुड़े स्कूलों को नए यूडीआईएसई+ कोड आवंटित किए जाएंगे और जहां भी जरूरत होगी, स्कूल कैटेगरी को अपग्रेड किया जाएगा।

निर्देशों में कहा गया है कि जिन स्कूलों के पास अभी यूडीआईएसई+ कोड नहीं हैं, उन्हें नए कोड आवंटित किए जाएंगे। जिन स्कूलों के पास पहले से यूडीआईएसई कोड हैं, उनके लिए स्कूल कैटेगरी अपग्रेड करने की प्रक्रिया उनकी मान्यता की स्थिति के अनुसार पूरी की जाएगी।

भारतीय शिक्षा बोर्ड, हरिद्वार द्वारा संचालित और उससे जुड़े स्कूलों के लिए यूडीआईएसई+ पोर्टल पर नए कोड आवंटित करने और क्लास अपग्रेडेशन के अनुरोध प्राप्त हुए हैं। इसके लिए सरकार के स्तर पर जरूरी प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एक बार जब ये स्कूल यूडीआईएसई+ सिस्टम में शामिल हो जाएंगे, तो उनका एकेडमिक डेटा व्यवस्थित रूप से राष्ट्रीय शिक्षा ढांचे में शामिल कर लिया जाएगा। इससे एनरोलमेंट रिकॉर्ड, एकेडमिक प्रोग्रेस, परीक्षा से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य शैक्षणिक प्रक्रियाओं का बेहतर मैनेजमेंट हो सकेगा, जिससे शिक्षा प्रशासन प्रणाली अधिक कुशल और व्यवस्थित बनेगी।

--आईएएनएस

डीके/वीसी