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ओलावृष्टि और तेज बारिश से मध्य प्रदेश में तबाही, किसानों की फसलें बर्बाद

भोपाल, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली और भारी बारिश व ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण आए इस बदलाव ने खासकर ग्वालियर समेत कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए।
 
ओलावृष्टि और तेज बारिश से मध्य प्रदेश में तबाही, किसानों की फसलें बर्बाद

भोपाल, 4 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के कई जिलों में शनिवार को मौसम ने अचानक करवट ली और भारी बारिश व ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण आए इस बदलाव ने खासकर ग्वालियर समेत कई इलाकों में हालात बिगाड़ दिए।

सबसे ज्यादा असर ग्वालियर और आसपास के क्षेत्रों में देखा गया, जहां दोपहर में भारी बारिश के बाद दो बार ओलावृष्टि हुई। करीब 3:50 बजे से 4:05 बजे के बीच लगभग 2.5 सेंटीमीटर व्यास के ओले गिरे, जिसे बेहद दुर्लभ घटना बताया जा रहा है और इसने 50 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले करीब 10 मिनट तक 1.5 सेंटीमीटर के ओले भी गिरे।

इस दौरान छह लोग, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं, घायल हो गए। तेज बारिश के बीच एक निजी अस्पताल की दीवार गिर गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। शहर की सड़कों पर ओलों की मोटी सफेद परत जम गई, जिससे नजारा बर्फबारी जैसा दिखने लगा।

अनियमित मौसम का असर अन्य जिलों में भी देखने को मिला। भिंड जिले की लहार तहसील के कई गांवों में तेज हवाओं के साथ हल्की ओलावृष्टि हुई, जबकि शहर में सिर्फ हल्की बारिश दर्ज की गई।

बेतूल जिले के मुलताई क्षेत्र और आसपास के इलाकों में तेज आंधी, बारिश और ओलों ने खेतों, आंगनों और सड़कों को सफेद चादर में बदल दिया। किसानों के अनुसार, गेहूं, चना और अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।

मोरैना जिले में कैलारस से कुम्हेरी तक चने के आकार के ओलों के साथ बारिश हुई। वहीं बरवानी में बेमौसम बारिश से पकी हुई गेहूं की फसल, डॉलर चना और मक्का को नुकसान पहुंचने की आशंका है।

किसानों में भारी चिंता का माहौल है। कई जगहों पर कट चुकी फसलें खेतों में पड़ी हैं, जो बारिश और ओलों से खराब हो रही हैं, जबकि खड़ी फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

मौसम विभाग के भोपाल केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक वेद प्रकाश सिंह के मुताबिक, यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 5 अप्रैल तक कई इलाकों में तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के साथ 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।

हालांकि आम लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत मिली है, लेकिन किसानों के लिए यह मौसम बड़ी मुसीबत बनकर आया है। प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

--आईएएनएस

डीएससी