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केंद्रीय मंत्री ने मिजोरम के डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की घोषणा की

आइजोल, 25 मई (आईएएनएस)। मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार को मिजोरम में सहकारी डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई पहलों की घोषणा की।
 
केंद्रीय मंत्री ने मिजोरम के डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की घोषणा की

आइजोल, 25 मई (आईएएनएस)। मत्स्य पालन, पशुपालन, डेयरी और पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह ने सोमवार को मिजोरम में सहकारी डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई पहलों की घोषणा की।

आइजोल जिले के थुआमपुई स्थित मिजोरम मल्टी-कमोडिटी प्रोड्यूसर्स कोऑपरेटिव यूनियन (एमयूएलसीओ) की डेयरी इकाई के दौरे के दौरान केंद्रीय मंत्री ने एमयूएलसीओ द्वारा हासिल की गई प्रगति की सराहना की और कहा कि डेयरी सहकारी समितियों और डेयरी श्रमिकों के प्रयासों से हुई उन्नति अत्यंत सराहनीय है।

उन्होंने मिजोरम में डेयरी क्षेत्र के विकास को सतत और गति प्रदान करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों के बीच निरंतर सहयोग का आश्वासन दिया।

मंत्री ने कहा कि राज्य में दूध उत्पादन कम है और स्थानीय मांग को पूरा करने के लिए अभी भी अपर्याप्त है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मिजोरम को पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों से पीछे नहीं रहना चाहिए और किसानों और अधिकारियों से इस क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नए सिरे से प्रतिबद्धता और समर्पण के साथ काम करने का आग्रह किया।

कई नई पहलों की घोषणा करते हुए सिंह ने केंद्र सरकार के वित्तपोषण पैटर्न में संशोधन को किसानों और राज्य सरकार दोनों के लिए उत्साहजनक खबर बताया।

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच पहले का 75:25 का वित्तपोषण अनुपात अब संशोधित होकर 90:10 हो गया है, जिससे राज्य सरकार पर वित्तीय बोझ काफी कम हो गया है और डेयरी क्षेत्र में विकासात्मक गतिविधियों को गति देने में मदद मिलेगी।

केंद्रीय मंत्री ने आगे कहा कि राज्य भर में दूध प्रसंस्करण संयंत्रों और ग्राम स्तरीय दूध खरीद प्रणालियों का उन्नयन जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) के सहयोग से कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण पशु नस्लों और बेहतर पशु आहार और चारा किसानों के लिए अधिक सुलभ बनाया जाएगा।

सिंह ने यह भी घोषणा की कि मिजोरम में निर्मित मुल्को उत्पादों, जिनमें पनीर, रस मलाई और घी शामिल हैं, का ऐजोल और आसपास के बाजारों में व्यापक विपणन किया जाएगा ताकि स्थानीय व्यापार के अवसर बढ़ें और किसानों की आय में वृद्धि हो।

--आईएएनएस

एमएस/