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धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कांग्रेस ने पंजाब के शिक्षा मंत्री को हटाने की मांग की, कहा- अब तक पद पर क्यों हैं हरजोत बैंस?

चंडीगढ़, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है।
 

चंडीगढ़, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद पंजाब कांग्रेस ने राज्य की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर निशाना साधते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग की है।

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने शनिवार को कहा कि जिस तरह परीक्षा अनियमितताओं की जवाबदेही तय करते हुए केंद्र में शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दिया है, उसी तरह पंजाब में बार-बार हुए पेपर लीक मामलों को लेकर राज्य के शिक्षा मंत्री को भी पद छोड़ना चाहिए।

राजा वड़िंग ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को "भ्रष्ट और अहंकारी शासन के खिलाफ देश के युवाओं की जीत" बताया। उन्होंने कहा कि देशभर में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ उठी आवाज के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना पड़ा, लेकिन पंजाब में लगातार पेपर लीक की घटनाओं के बावजूद शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस अब भी अपने पद पर बने हुए हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा और पार्टी राज्य के शिक्षा मंत्री के साथ-साथ मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी पेपर लीक मामलों को लेकर जवाबदेही तय कराएगी।

राजा वड़िंग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की भी सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने युवाओं के आंदोलन का नेतृत्व किया और उस सरकार के खिलाफ मजबूती से खड़े रहे, जो अपनी जिद पर अड़ी हुई थी। उन्होंने कहा कि जिस दिन राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री आवास तक विरोध मार्च निकाला, उसी दिन केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ गया था।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने छात्रों के संघर्ष में उनके साथ खड़े होकर एक मिसाल पेश की और कथित तौर पर तानाशाही रवैये के खिलाफ युवाओं की आवाज को मजबूती दी।

वहीं, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि "देश के युवाओं की आवाज को कोई दबा नहीं सकता।"

प्रियंका गांधी ने कहा कि यह खबर सुनकर वह भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में वह कई बार सोचती थीं कि आखिर देश के युवा कब जागेंगे और देश में जो हो रहा है, उसके खिलाफ आवाज कब उठाएंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की विचारधारा को बढ़ावा दिया जा रहा है और विश्वविद्यालयों से लेकर विभिन्न पदों पर नियुक्तियों के जरिए शिक्षा प्रणाली की मूल भावना को कमजोर किया गया है।

प्रियंका गांधी ने कहा कि विरोध की आवाज उठाने वाले युवाओं के खिलाफ बल प्रयोग किया गया, लेकिन आज उन्हें खुशी है कि देश के युवाओं ने अपनी आवाज बुलंद की है और अब कोई भी उनकी आवाज को दबाने का साहस नहीं कर सकता।

--आईएएनएस

डीएससी