प्रह्लाद जोशी ने कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख हरिप्रसाद पर निशाना, विवादित बयानों से सांप्रदायिक सद्भाव बिगाड़ने का आरोप
बेंगलुरु, 29 जून (आईएएनएस)। उपभोक्ता मामलों, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री प्रह्लाद जोशी ने सोमवार को कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष बी.के. हरिप्रसाद की हालिया 'गांधी-गोडसे-गाय' वाली टिप्पणियों की कड़ी आलोचना की। साथ ही उन पर हताशा भरी और बांटने वाली राजनीति के जरिए कांग्रेस आलाकमान को खुश करने की कोशिश करने का आरोप लगाया।
हरिप्रसाद ने मैसूरु में दावा किया था कि "जो लोग मवेशियों को मारते हैं वे जेल जाते हैं, जबकि जो लोग इंसानों को मारते हैं वे पीएम और सीएम बन जाते हैं।"
सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में प्रह्लाद जोशी ने कहा कि ऐसे बयान राजनीतिक निराशा को दिखाते हैं और सार्वजनिक बातचीत के सबसे निचले स्तर को दर्शाते हैं। इनका मकसद लोगों की असली चिंताओं को दूर करने के बजाय सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ना है।
उन्होंने कहा कि जब से कर्नाटक में कांग्रेस सत्ता में आई है, सरकार ने जन कल्याण को नजरअंदाज किया है और इसके बजाय तुष्टिकरण की राजनीति, वोट-बैंक की गणित और समाज में बंटवारा करने पर ध्यान दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने हमेशा शासन और विकास के बजाय राजनीतिक फायदे को प्राथमिकता दी है।
जोशी ने कहा कि दे भर में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्रियों को संवैधानिक प्रक्रिया के जरिए लाखों नागरिकों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से चुना जाता है।
उन्होंने कहा कि वैचारिक मतभेदों के बावजूद देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों के साथ ऐसी अपमानजनक तुलना करना न केवल उन पदों का, बल्कि उन्हें चुनने वाले लोगों के जनादेश का भी अपमान है। कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि हालांकि इसके नेता अक्सर महात्मा गांधी के सत्य और अहिंसा के आदर्शों का उपदेश देते हैं, लेकिन जब भी उनके राजनीतिक एजेंडे के लिए सही होता है, वे उन सिद्धांतों को आसानी से छोड़ देते हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी भड़काऊ बयानबाजी का सहारा लेकर और चुनावी फायदे के लिए 'नकली गांधी' के साथ जुड़कर अपनी गिरती राजनीतिक किस्मत को फिर से संवारने की कोशिश कर रही है।
मंत्री ने कांग्रेस पर अपनी कमियों से जनता का ध्यान हटाने के लिए बार-बार भड़काऊ बयान देने और साथ ही अपनी ऐतिहासिक विफलताओं, जिसमें इमरजेंसी लागू करना और भारत के इतिहास के अन्य दुखद अध्याय शामिल हैं, को आसानी से भूल जाने का भी आरोप लगाया।
उन्होंने हरिप्रसाद और कांग्रेस नेतृत्व से आग्रह किया कि वे दूसरों को नैतिकता का उपदेश देने से पहले संवैधानिक संस्थाओं और सार्वजनिक पदों की गरिमा का सम्मान करना सीखें। उन्होंने कहा कि ऐसी गैर-जिम्मेदाराना टिप्पणियां सामाजिक सद्भाव के लिए खतरा हैं और पूरी तरह से राजनीतिक निराशा से प्रेरित हैं।
कर्नाटक की जनता पर भरोसा जताते हुए मंत्री ने कहा कि मतदाता आने वाले दिनों में कांग्रेस सरकार को उसकी बांटने वाली और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति के लिए मुंहतोड़ जवाब देंगे।
--आईएएनएस
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