Aapka Rajasthan

अफगानिस्तान 2030 तक 25 हजार से ज्यादा महिला शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी खो सकता है: यूनिसेफ

काबुल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के रोजगार पर जारी प्रतिबंधों के कारण अफगानिस्तान वर्ष 2030 तक 20,000 महिला शिक्षकों और 5,400 स्वास्थ्यकर्मियों को खो सकता है।
 
अफगानिस्तान 2030 तक 25 हजार से ज्यादा महिला शिक्षक और स्वास्थ्यकर्मी खो सकता है: यूनिसेफ

काबुल, 28 अप्रैल (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) ने मंगलवार को चेतावनी दी कि लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के रोजगार पर जारी प्रतिबंधों के कारण अफगानिस्तान वर्ष 2030 तक 20,000 महिला शिक्षकों और 5,400 स्वास्थ्यकर्मियों को खो सकता है।

यूनिसेफ ने अपनी ताजा रिपोर्ट "द कॉस्ट ऑफ इनएक्शन ऑन गर्ल्स एजुकेशन एंड वीमेन लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन इन अफगानिस्तान" में कहा कि 2023 से 2025 के बीच सिविल सेवाओं में महिलाओं की हिस्सेदारी 21 प्रतिशत से घटकर 17.7 प्रतिशत रह गई है।

रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि स्कूलों और अस्पतालों में प्रशिक्षित महिला पेशेवरों की घटती संख्या बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और भविष्य के अवसरों पर गंभीर असर डालेगी।

यूनिसेफ के मुताबिक, लड़कियों और महिलाओं की शिक्षा व रोजगार पर रोक के कारण अफगानिस्तान को हर साल 8.4 करोड़ अमेरिकी डॉलर के आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। यह नुकसान समय के साथ और बढ़ता जाएगा, यदि महिलाओं को शिक्षा और रोजगार से दूर रखा गया।

संस्था ने कहा कि शिक्षण और स्वास्थ्य सेवाओं जैसे क्षेत्रों से महिलाओं को बाहर करना सीधे तौर पर बच्चों को प्रभावित करता है। इससे स्कूलों में लड़कियों की संख्या घटेगी और महिलाओं व बच्चों को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाएं कमजोर होंगी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य क्षेत्र पर इसका असर सबसे गंभीर है, क्योंकि सामाजिक परिस्थितियों के चलते कई महिलाएं पुरुष डॉक्टरों से इलाज नहीं करा पातीं। ऐसे में महिला स्वास्थ्यकर्मियों की कमी से मातृ, नवजात और बाल स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित होंगी।

यूनिसेफ की कार्यकारी निदेशक कैथरीन रसेल ने कहा, “अफगानिस्तान भविष्य के शिक्षक, नर्स, डॉक्टर, दाई और सामाजिक कार्यकर्ताओं को खोने का जोखिम नहीं उठा सकता। अगर लड़कियों को शिक्षा से वंचित रखा गया तो यही हकीकत होगी।”

उन्होंने अफगानिस्तान की मौजूदा सत्ता से लड़कियों की माध्यमिक शिक्षा पर लगा प्रतिबंध हटाने की अपील की और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से लड़कियों के शिक्षा अधिकार के समर्थन में बने रहने का आग्रह किया।

यूनिसेफ ने कहा कि अफगानिस्तान इस समय दोहरे संकट से गुजर रहा है- एक ओर प्रशिक्षित महिला पेशेवरों की संख्या घट रही है, दूसरी ओर नई पीढ़ी की लड़कियां इन भूमिकाओं को संभालने के लिए शिक्षा से वंचित हैं।

रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 2021 में तालिबान द्वारा लड़कियों की माध्यमिक शिक्षा पर रोक लगाए जाने के बाद से अब तक 10 लाख लड़कियां शिक्षा के अधिकार से वंचित हो चुकी हैं। यदि यह प्रतिबंध 2030 तक जारी रहा तो 20 लाख से अधिक लड़कियां प्राथमिक शिक्षा के बाद आगे पढ़ाई नहीं कर पाएंगी।

यूनिसेफ ने यह भी बताया कि बुनियादी शिक्षा में महिला शिक्षकों की संख्या 2022 में करीब 73,000 से घटकर 2024 में लगभग 66,000 रह गई है, यानी इसमें 9 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई है।

--आईएएनएस

डीएससी