तमिलनाडु में बिजली संकट पर टीवीके सरकार घिरी, उदयनिधि स्टालिन का हमला
चेन्नई, 12 सितंबर (आईएएनएस)। तमिलनाडु के विपक्ष के नेता उदयनिधि स्टालिन ने पिछले दो दिनों में राज्य भर में बिजली कटौती और कम वोल्टेज की शिकायतों में वृद्धि के बाद तमिलागा वेत्री कड़गम (टीवीके) सरकार की आलोचना की है।
कई जिलों के निवासी सड़कों पर उतर आए हैं और आरोप लगाया है कि लंबे समय तक बिजली गुल रहने से उनका दैनिक जीवन बाधित हुआ है और वाणिज्यिक एवं औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं।
तिरुनेलवेली जिले में, मुदलियारपट्टी और आसपास के इलाकों के निवासियों ने बिजली आपूर्ति में बार-बार रुकावट के विरोध में रात में मशालें और मोमबत्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
तिरुचि जिले के श्रीरंगम विधानसभा क्षेत्र में अम्मापेट्टई और उत्तरी अरियावुर के निवासियों ने लगातार दूसरे दिन भी सड़क नाकाबंदी जारी रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार शिकायतों के बावजूद अधिकारी बिजली आपूर्ति की लगातार समस्याओं को हल करने में विफल रहे हैं।
इसी तरह का विरोध प्रदर्शन करूर जिले के कदावुर के पास आयोजित किया गया, जहां निवासियों ने दावा किया कि 10 दिनों से अधिक समय से नियमित रूप से चार से छह घंटे के बीच बिजली कटौती हो रही थी। नामक्कल जिले के पुदुकोट्टई और रासीपुरम इलाकों में भी लोगों को एक घंटे से अधिक समय तक अनिर्धारित कटौती जारी रहने के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ा।
औद्योगिक इकाइयों ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। तिरुवल्लूर जिले के सेनगुंद्रम के पास सिडको महिला औद्योगिक पार्क में संचालित कारखानों के अधिकारियों ने स्थानीय बिजली बोर्ड कार्यालय की घेराबंदी की।
उन्होंने आरोप लगाया कि बार-बार कटौती और लो-वोल्टेज आपूर्ति के कारण उत्पादन प्रभावित हो रहा है और वित्तीय नुकसान हो रहा है।
बिजली मंत्री निर्मल कुमार ने इस कमी के लिए पवन ऊर्जा उत्पादन में व्यवधान को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि समस्या ने कई राज्यों को प्रभावित किया है और यह तमिलनाडु तक ही सीमित नहीं है। मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सामान्य बिजली वितरण नेटवर्क से राज्य के लिए आवश्यक बिजली खरीदी है।
उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम को पर्याप्त बिजली मिलने के बाद सभी क्षेत्रों में नियमित आपूर्ति बहाल कर दी गई है।
रिपोर्टों पर प्रतिक्रिया देते हुए, उदयनिधि ने कहा कि लगातार अनिर्धारित बिजली कटौती और वोल्टेज में उतार-चढ़ाव के कारण लोगों को विरोध करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने बिजली मंत्री पर संकट से निपटने के लिए प्रभावी कदम उठाने के बजाय अनावश्यक आरोप लगाने का आरोप लगाया।
उदयनिधि ने प्रशासन को "फ्यूज-ब्लो टीवीके सरकार" बताते हुए कहा कि यह बिजली और आविन दूध वितरण सहित आवश्यक सेवाओं को सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से ध्यान भटकाने वाली रणनीति बंद करने और लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं के समाधान पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया।
--आईएएनएस
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