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उदय कोटक ने बढ़ती ग्लोबल बॉन्ड यील्ड को लेकर दी चेतावनी, कहा- सरकारों पर कर्ज बनेगा महंगाई का कारण

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने बुधवार को निवेशकों को बढ़ती ग्लोबल बॉन्ड यील्ड को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ता सरकारी कर्ज और राजकोषीय घाटे के चलते केंद्रीय बैंक को अपनी बैलेंट शीट को बढ़ना (अधिक मात्रा में नोट छपाना) पड़ सकता है। इससे महंगाई में इजाफा होगा और छोटी अवधि में अधिक ब्याज दरों का सामना करना पड़ सकता है।
 

नई दिल्ली, 2 सितंबर (आईएएनएस)। दिग्गज बैंकर उदय कोटक ने बुधवार को निवेशकों को बढ़ती ग्लोबल बॉन्ड यील्ड को लेकर चेतावनी देते हुए कहा कि वैश्विक स्तर पर बढ़ता सरकारी कर्ज और राजकोषीय घाटे के चलते केंद्रीय बैंक को अपनी बैलेंट शीट को बढ़ना (अधिक मात्रा में नोट छपाना) पड़ सकता है। इससे महंगाई में इजाफा होगा और छोटी अवधि में अधिक ब्याज दरों का सामना करना पड़ सकता है।

उनका यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब जापान के 10 साल के सरकारी बॉन्ड यील्ड 3 प्रतिशत के आंकड़े को पार कर गई है, जो कि 1996 के बाद अब तक का सबसे उच्चतम स्तर है। वहीं, अमेरिका में 10 साल की बॉन्ड यील्ड 4.8 प्रतिशत के आसपास है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर उदय कोटक ने लिखा कि सरकारी कर्ज और बढ़ते घाटे के कारण केंद्रीय बैंक के पास अपनी बैलेंसशीट को बढ़ाने यानी पैसा छापने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा।

उन्होंने आगे कहा कि अगर ऐसा होता है तो महंगाई और छोटी अवधि में ब्याज दरें बढ़ सकती हैं और निवेशकों को ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना चाहिए।

कोटक ने कहा, "जापान के 10 साल की बॉन्ड यील्ड 3 प्रतिशत और अमेरिका की 4.8 प्रतिशत के पार पहुंच गया है। जैसे-जैसे सरकारों पर कर्ज और घाटा बढ़ रहा है, केंद्रीय बैंकों के पास बैलेंस शीट बढ़ाने (यानी और पैसे छापने) के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा। ऐसा होने पर महंगाई बढ़ेगी और छोटी अवधि में ब्याज दरें भी ऊपर जाएंगी। ब्याज दरों में उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहें!"

जापानी बॉन्ड यील्ड में आई यह तेज हलचल ग्लोबल मार्केट के लिए बहुत अहम है। पारंपरिक रूप से जापान बचत का एक बहुत बड़ा केंद्र रहा है, जहां बहुत कम ब्याज दरों की वजह से जापानी निवेशक विदेशों में बॉन्ड और दूसरी संपत्तियों में भारी निवेश करते रहे हैं।

जापानी बॉन्ड यील्ड में लगातार बढ़ोतरी से यह स्थिति धीरे-धीरे बदल सकती है। अगर जापान में घरेलू एसेट्स से बेहतर रिटर्न मिलने लगे, तो निवेशक विदेशी बॉन्ड की अपनी अतिरिक्त खरीदारी कम कर सकते हैं, जिससे ग्लोबल यील्ड पर ऊपर की ओर दबाव पड़ सकता है।

जापान में, पिछले दो सालों में 10-साल के सरकारी बॉन्ड की यील्ड तीन गुना से ज्यादा बढ़ गई है। इसकी वजह बढ़ती महंगाई, देश की राजकोषीय स्थिति को लेकर चिंताएं और ऐसी उम्मीदें हैं कि बैंक ऑफ जापान ब्याज दरों में बढ़ोतरी की रफ्तार बढ़ा सकता है।

--आईएएनएस

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