उद्धव ठाकरे को लगा झटका, एमएलसी अहीर ने बदला पाला; शिंदे गुट ने डिप्टी चेयरमैन पद के लिए नॉमिनेट किया
मुंबई, 30 जून (आईएएनएस)। उद्धव ठाकरे की शिवसेना (यूबीटी) को एक बड़ा झटका लगा है। पार्टी के एमएलसी सचिन अहीर मंगलवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए।
महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद के लिए होने वाले चुनाव से जुड़ी जबरदस्त राजनीतिक हलचल के बीच मंगलवार को यह हाई-प्रोफाइल दलबदल तेजी से हुआ।
सचिन अहीर ने महाराष्ट्र विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन पद के चुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। शिंदे ने अहीर को अपने पाले में लाकर विपक्ष को पूरी तरह चौंका दिया।
शिंदे खेमे में शामिल होने के तुरंत बाद सचिन अहीर ने विधान परिषद के डिप्टी चेयरमैन के प्रतिष्ठित पद के लिए अपना आधिकारिक नामांकन दाखिल किया।
अहीर का जाना मुंबई में ठाकरे के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर महत्वपूर्ण वर्ली विधानसभा क्षेत्र में जो आदित्य ठाकरे का गढ़ है।
सचिन अहीर, जो एक प्रमुख पूर्व लेबर यूनियन नेता और वर्ली से पूर्व विधायक हैं, उनका इलाके में जमीनी स्तर पर काफी प्रभाव है। इसका मतलब है कि उनके पाला बदलने से स्थानीय पार्टी समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
सचिन अहीर ने मूल रूप से नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के एक प्रमुख चेहरे के तौर पर अपना करियर बनाया और राष्ट्रीय मिल मजदूर संघ का नेतृत्व किया। वह 2019 में विधानसभा चुनावों से ठीक पहले अविभाजित शिवसेना में शामिल हो गए थे। ठाकरे गुट ने उन पर भरोसा किया और 2022 में उन्हें एमएलसी की सीट दी।
महाराष्ट्र के राजनीतिक हलकों में इस कदम को शिंदे के एक 'मास्टरस्ट्रोक' के तौर पर देखा जा रहा है, जिससे वे परिषद चुनावों के ठीक पहले महाविकास अघाड़ी (एमवीए) को पूरी तरह से मात देने की कोशिश कर रहे हैं।
सचिन अहीर का दलबदल पिछले सप्ताह शिंदे द्वारा सफलतापूर्वक चलाए गए 'ऑपरेशन टाइगर' के दौरान ही हुआ, जब शिवसेना (यूबीटी) के छह बागी सांसद उनके साथ शामिल हुए थे।
शिंदे ने पिछले सप्ताह घोषणा की थी कि 'ऑपरेशन टाइगर' अभी पूरा नहीं हुआ है बल्कि जारी रहेगा, जिससे आने वाले दिनों में शिवसेना (यूबीटी) खेमे से विधायकों और पार्षदों के और दलबदल का संकेत मिला।
एकनाथ शिंदे ने दावा किया कि 'ऑपरेशन टाइगर' पूरी तरह सुरक्षित और सफल था, और कहा कि छह बागी यूबीटी सांसदों का पार्टी में शामिल होना कानूनी, संवैधानिक और संसदीय दायरे में था।
उन्होंने कहा, "हम अधूरे ऑपरेशन नहीं करते। 'ऑपरेशन टाइगर' एक जबरदस्त, कानूनी सफलता है। हमने इसके लिए सभी जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली हैं।"
19 जून को शिवसेना की वर्षगांठ पर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत देते हुए कहा था, "यह तो बस ट्रेलर है, फिल्म अभी बाकी है।"
शिंदे ने पार्टी छोड़ने के मुद्दे पर उन्हें निशाना बनाने वाले विपक्षी नेताओं पर तीखे और आक्रामक अंदाज में पलटवार किया। उन्होंने गरजते हुए कहा, "लोग पूछ रहे थे कि एकनाथ शिंदे क्या कहेंगे, मंच पर कौन आएगा और क्या होगा? देखिए, यह शेर आज आपके सामने खड़ा है।"
--आईएएनएस
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