Aapka Rajasthan

जम्मू-कश्मीर के उधमपुर में चल रहे अभियान में दो आतंकवादी ढ़ेर

जम्मू, 17 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में संयुक्त बलों ने कम से कम दो आतंकवादियों को मार गिराया है।
 

जम्मू, 17 सितंबर (आईएएनएस)। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले में संयुक्त बलों ने कम से कम दो आतंकवादियों को मार गिराया है।

अधिकारियों ने बताया कि बुधवार शाम को उधमपुर जिले के माजलता से संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद, संयुक्त बलों ने घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया, जिसके बाद आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ (गोलीबारी) हुई।

अधिकारियों ने बताया, "इसके बाद हुई गोलीबारी में दो आतंकवादी मारे गए हैं। इलाके में अभियान अभी भी जारी है। मारे गए आतंकवादियों की पहचान की जा रही है।"

इस अभियान की शुरुआत जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना के विशेष पैरादूपर्स ने की थी। मुठभेड़ शुरू होते ही तुरंत अतिरिक्त बल मौके पर भेजे गए।

भारतीय सेना, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और जम्मू-कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान समूह (एसओजी) की एक संयुक्त टीम इलाके में तलाशी अभियान चला रही थी।

राजौरी में लश्कर-ए-तैबा (एलईटीटी) से जुड़े एक कथित ओवरग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) नेटवर्क का हाल ही में भंडाफोड़ होने के बाद पीर पंजाल क्षेत्र में सुरक्षा गतिविधियों को तेज कर दिया गया है, इसी बीच यह अभियान चलाया गया है।

15 सितंबर को राजौरी पुलिस ने पीर पंजाल क्षेत्र में सक्रिय एक कथित आतंकी मॉड्यूल के संबंध में तीन लोगों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान जाकिर हुसैन, मोहम्मद आजम और मोहम्मद मुश्ताक के रूप में हुई है।

सुरक्षा बलों ने इलाके को सुरक्षित करने और बचे हुए आतंकवादियों का पता लगाने के लिए खोजी कुत्तों और हवाई निगरानी का इस्तेमाल करते हुए तलाशी अभियान तेज कर दिया है। उधमपुर-रियासी पर्वतमाला के रणनीतिक मार्गों पर उच्च सतर्कता, वाहनों की जांच और कड़ी घेराबंदी जारी है।

सुरक्षा बलों ने उधमपुर, रियासी, रामबन, कठुआ, पुंछ और राजौरी जिलों के पहाड़ी क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया है क्योंकि इन दुर्गम क्षेत्रों में कट्टर पाकिस्तानी आतंकवादियों की गतिविधियों की खबरें मिली हैं।

इन आतंकवाद विरोधी अभियानों के छह महीने से अधिक समय से जारी रहने के दौरान, सुरक्षा बलों को सफलता मिली है, क्योंकि इन अभियानों में कुछ शीर्ष आतंकवादियों को निष्क्रिय कर दिया गया है।

इन अभियानों का सबसे बड़ा फायदा यह है कि आतंकवादी लगातार भागते रहते हैं और उन्हें सुरक्षा बलों, सेना और नागरिकों के खिलाफ हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने के लिए कोई आधार नहीं मिल पाता है।

--आईएएनएस

एसएके/पीएम